गहमर। सहालग में सगाई, जयमाल और गोदभराई से लेकर कार की सजावट व हर रस्म में ताजे फूलों की मांग बढ़ गई है। ऐसे में इनकी कीमतें भी आसमान छू रही हैं। महंगाई की वजह से सजावट के लिए लोगों का रुझान आर्टीफिशियल (कृत्रिम) फूलों की ओर बढ़ रहा है। दूल्हे की गाड़ी का सजावट दो से 10 हजार रुपये में हो रहा है। उसमें भी कृत्रिम फूलों को प्राथमिकता दी जा रही है। शादियों में ताजे फूलों की महक भले ही सजावट में चार चांद लगाती हो, लेकिन सीजन में गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा और ऑर्किड जैसे फूलों की अधिक मांग के कारण महंगाई ने इनकी खुशबू फीकी कर दी है। आयोजन स्थलों, घरों और वाहनों की सजावट में अब कृत्रिम फूलों का चलन तेजी से बढ़ गया है। ऐसे में आर्टिफिशियल फूल सबसे बेहतर और बजट अनुकूल विकल्प बनते जा रहे हैं। फूलों के व्यापारी धर्मेंद्र माली का कहना है कि शादी को यादगार बनाने के लिए लोग नई सजावट की मांग करते हैं। कृत्रिम फूलों से थीम और रंग संयोजन को मनचाहे रूप में तैयार करना आसान होता है। वहीं प्राकृतिक फूलों के व्यवसायी साहबे आलम का कहना है कि सहालग के कारण ताजे फूलों की मांग बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति सीमित है। हाल ही में मौसम के उतार-चढ़ाव से फूलों की पैदावार प्रभावित हुई है, जिसके कारण कीमतें बढ़ गई हैं। लिली का एक पीस फूल 130 रुपये का हो गया है। गुलाब 150 रुपये से बढ़कर 450 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
आम दिनों में जहां एक क्विंटल फूल की खपत होती थी, वहीं सहालग के सीजन में चार से पांच क्विंटल फूलों की खपत है।