गाजीपुर/जमानियां। जमानियां कोतवाली के दौदही गांव निवासी रामनारायण यादव वाराणसी के विशेश्वरगंज स्थित डाकघर में पोस्टमैन थे। सेवानिवृत्त होने के बाद बीते 18 दिसंबर 2012 को निधन हो गया था। डाककर्मी के 18 दिन के एरियर का भुगतान नहीं हो सका था। इसके लिए रामनारायण का पोता अजीत यादव उपमंडल डाकघर जमानियां का चक्कर लगा कर थक गया। शिकायत पर सीबीआई की एसीबी टीम ने बीते छह मार्च 2013 को तत्कालीन सहायक डाक अधीक्षक को 1000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
डाककर्मी के पोते अजीत यादव ने आरोप लगाया था कि भुगतान के लिए उपमंडल डाकघर के सहायक अधीक्षक अखिनानंद सिंह निवासी दौलतपुर सादात 1500 रुपये घूस मांग रहा है। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच टीम ने जांच पड़ताल की थी। अजीत ने सहायक अधीक्षक से रुपये लेने के लिए जमानियां के देवरिया पुलिस चौकी के पास पुलिया पर पहुंचा था। घूस लेकर अखिनानंद बाइक से गाजीपुर के लिए निकल गया। टीम ने पीछा करके कुछ ही दूर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसकी शर्ट की जेब से केमिकलयुक्त 100-100 रुपये के 10 नोट बरामद हुए। यही नहीं हाथ धुलवाने पर हाथ भी लाल हो गए थे। मंगलवार को सीबीआई कोर्ट संख्या चार लखनऊ के विशेष जज ने रिश्वतखोरी के मामले में जमानियां के तत्कालीन सहायक डाक अधीक्षक अखिनानंद सिंह को चार वर्ष की कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।