मनिहारी। शादियाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में नदी किनारे बबूल के पेड़ से फंदे पर बृहस्पतिवार को किशोर-किशोरी के शव लटके मिले थे। देर शाम पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने दोनों का नंदगंज स्थित चोचकपुर श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। आसपास दोनों की चिताएं सजी हुई थीं, परिजनों ने जब दोनों को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद सबकी आंख भर आई।
इधर, घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को भी गांव में सियापा पसरा हुआ था। परिजनों के रह-रहकर रोने-बिलखने की आवाज सुनकर ग्रामीणों का कलेजा फट जा रहा था। आस-पड़ोस के छह से अधिक घरों में शोक में चूल्हे भी नहीं जले थे। इधर, मृतक किशोर के पिता ने घटना के दूसरे दिन पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किशोरी के पिता ने अपनी बेटी से रात करीब 12 बजे उनके बेटे को फोन कर घर से बुलवाया। इसके बाद दोनों की हत्या कर शवों को गांव से करीब एक किलोमीटर दूर नदी किनारे बबूल के पेड़ पर लटका दिया। मृतक के पिता का यह भी आरोप है कि घटना को अंजाम देने में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद करीब आधे घंटे के अंतराल पर दोनों शव परिजनों को सौंपे गए। बाद में चौचकपुर घाट पर दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने कहा कि जब दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी गई तो वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे और पूरे माहौल में सन्नाटा छा गया। थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर छानबीन जारी है।