त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन को स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रविवार को पीजी कालेज सभागार में सभी जोनल, सेक्टर प्रभारी एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रथम चक्र के मतदान के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित कर दिए गए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने सेक्टर के समस्त पीठासीन
अधिकारियों एवं मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पीठासीन अधिकारी आयोग के निर्देशों का अध्ययन कर लें। इससे मजिस्ट्रेट स्वयं गाइड करने में सक्षम रहेंगे। उन्होंने कहा कि सभी
सेक्टर मजिस्ट्रट अपने -अपने क्षेत्रों में 29 और 30 सितंबर को भ्रमण करेंगे। भ्रमण के बाद क्षेत्र के सड़क, मतदान केंद्र का निरीक्षण करते हुए निर्धारित प्रोफार्मा पर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएंगे। द्वितीय चक्र के मजिस्ट्रेट 29 सितंबर
को वाहन प्राप्त कर 30 सितंबर को क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर का सहयोग लेंगे। मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का दायित्व सेक्टर मजिस्ट्रेट का है। तृतीय चक्र के मजिस्ट्रेट 4 अक्तूबर को वाहन
प्राप्त कर 5 अक्तूबर को क्षेत्र भ्रमण करेंगे। भ्रमण के बाद निर्धारित प्रारुप पर विवरण उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन सभी मजिस्ट्रेट सुबह 7 बजे मतदान केंद्र का निरीक्षण कर लेने के बाद सुबह 8 बजे से मतदान प्रारंभ
कराएंगे। कोई भी अधिकारी जिनकी ड्यूटी लगी है और अनुपस्थित रहेगा तो उनके विरुद्घ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने नामांकन के समय एवं अन्य प्रक्रिया पूरी करने में संभावित
परेशानियों के निराकरण पर जानकारी दी। जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के दायित्वों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी का प्रस्तावक उसी वार्ड का रहेगा जिस वार्ड का प्रत्याशी है। साथ ही अधिकारियों ने मत पेटिका खोलने एवं बंद
करने तथा सील करने की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी मुरलीधर मिश्रा, मुख्य राजस्व अधिकारी विद्याशंकर सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा प्रकाश, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसएन सिंह आदि मौजूद रहे।