ऊपर वाला कभी-कभी किसी को ऐसा जख्म दे देता है, जो ताउम्र नहीं भर पाता है। कुछ ऐसा ही हुआ मृतक शिवशंकर राम के परिवार वालों के साथ। पहले ऊपर वाले ने शिवशंकर की जिंदगी छीनी और उसके दूसरे दिन उसके पुत्र और रिश्तेदार दंपती की। देर शाम तक शिवशंकर के परिवार के लोग इस बात से अंजान थे कि रवि और रिश्तेदारों की भी जहरीली शर्बत से मौत हो चुकी है।
धामूपुर निवसी दलित निवासी शिवशंकर राम ईंट भट्ठा पर काम करता था। शुक्रवार की सुबह भट्ठा से घर लौट रहा था। जैसे ही घर के पास पहुंचा, साइकल से गिर गया था। परिवार के लोग उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए थे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी होते ही नाते-रिश्तेदार के लोग गमी में शामिल होने के बाद उसके घर पहुंच गए। पति की मौत से पत्नी सविता पूरी तरह से बदहवाश हो गई थी। शाम को शिवशंकर का अंतिम संस्कार किया गया। रीति-रिवाज के अनुसार आज सुबह परिवार के लोगों ने खिचड़ी खाने के बाद शर्बत पीया।
कुछ ही देर बाद शिवशंकर के साढ़ू विजय राम, उसकी पत्नी ऊषा और शिवशंकर के पुत्र रवि, पन्नालाल और शांति की हालत बिगड़ गई। स्वास्थ केंद्र के बाद सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान ऊषा, विजय और रवि की मौत हो गई। जबकि पन्नालाल और शांति गंभीरावस्था में भर्ती कराया गया।
देर शाम तक शिवशंकर के परिवार के लोगों को इस दर्द से बेटे और रिश्तेदारों की मौत की जानकारी नहीं दी गई कि अभी पत्नी सविता पत्नी की मौत को भूल भी नहीं पाई है, ऐसे में जब उसे इस बात की जानकारी होगी कि उसका बेटा भी इस दुनिया से जा चुका है, वह इस सदमे को कैसे बर्दाश्त करेगी।
परिवार के लोग जिला अस्पताल गए लोगों को सकुशल घर आने की राह निहारते रहे।