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Ghazipur News: सादात में 1988 में हुआ पहला चुनाव, भाजपा प्रत्याशी हरिदास वर्मा ने मारी थी बाजी

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नगर निकाय के चुनाव का बिगुल बजने के बाद राजनीतिक दल प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की तैयारी में जुट गए हैं। जनपद के आठ नगर निकायों में चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। नगर निकायों में पिछले कई चुनाव काफी रोचक रहे हैं। जिसमें सादात नगर पंचायत के गठन से लेकर पिछले चुनाव तक कई उलट-पलट हुए हैं। सादात नगर पंचायत का गठन 25 अक्तूबर 1971 में हुआ था। गठन के बाद यहां की विषम परिस्थितियों के चलते चुनाव कराना संभव नहीं हो पाया था। ऐसी स्थिति में इसके गठन से लेकर वर्ष 1987 तक यहां प्रशासक ही नियुक्त रहे। करीब 16 साल तक प्रशासक रहने के बाद वर्ष 1988 में इस नगर पंचायत का पहला चुनाव संपन्न हुआ। उस समय इस नगर पंचायत की मतदाता संख्या करीब छह हजार थी। इन छह हजार मतदाताओं ने मैदान में उतरे कुल 12 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया था।
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नगर पंचायत के इस पहले चुनाव में सादात बाजार के तीन प्रमुख व्यवसायी हरिदास वर्मा, हरिश्चंद्र बर्नवाल और रामेश्वर दास सहित कुल 12 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया था। इसमें हरिदास वर्मा ने भाजपा, इम्तियाज ने बसपा और शिवमूर्ति चौबे ने कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था। जबकि अन्य प्रत्याशी निर्दल चुनाव लड़े थे। निर्दल चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में श्याम नारायण राजभर, समशुद्दोहा, नन्हकू यादव, छेदी कुशवाहा, कामेश्वर उर्फ़ बबलू, यासिन (मजनू) और डा महेंद्र गुप्ता का नाम शामिल हैं।
नगर पंचायत का यह पहला चुनाव काफी रोमांचक रहा। जिसमें भाजपा प्रत्याशी हरिदास वर्मा ने नगर के प्रमुख व्यवसायियों का छक्का छुड़ाते हुए लगभग सात सौ मतों से विजय हासिल की थी। उन्हें कुल 1500 मत मिले थे। दूसरे नंबर पर हरिश्चंद्र बर्नवाल रहे। इसके अलावा अन्य प्रत्याशियों को अपनी-अपनी जमानत बचाना मुश्किल हो गया था।
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सामान्य सीट पर हुए इस चुनाव में सभी वर्ग के मतदाताओं ने भाग लिया था। इसमें बनिया, मुसलमान, राजभर, यादव मतदाताओं की भागीदारी अधिक रही। विजयी प्रत्याशी हरिदास वर्मा की सभी वर्गों में अच्छी पकड़ होने के कारण उन्हें विजयश्री हाथ लगी थी।
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