लहुरी काशी में शुक्रवार से आस्था का महापर्व शुरू हो गया। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से चार दिन तक चलने वाला छठ महापर्व को लेकर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह देखने को मिल रहा है। छठ घाट पर जोर-शोर से सफाई का कार्य चल रहा है। छठ को लेकर बाजार में भी चहल पहल बढ़ गई है। बाजारों में भीड़ बढ़ने से पूरे दिन जाम लगा रहा। सूप, दौरी, डाला एवं फल की दूकानों पर खूब भीड़ रही।
वहीं पूजा से संबंधित सामानों के साथ फलों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। डाला छठ पर्व पर व्रती महिलाएं भगवान सूर्य को अमूमन हर फल प्रसाद के रूप में सेब, संतरा, अनार से लेकर चकोतरा, सिंघाड़ा, गन्ना आदि चढ़ाती हैं। गन्ने को तो बाकायदा वेदी पर मंडप के तौर पर लगाया जाता है। छठ को देखते हुए फलों के दाम में अचानक पिछले सप्ताह भर में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है।
फल दूकानदार महमूद, फकर, बबलू, सहनवाज, मुन्ना आदि का कहना है कि तीन से चार दिन में लगभग सभी फलों के दाम में दो गुने तक की वृद्धि रहेगी।
फलों के दाम में अभी और बढ़ सकते हैं। पहले की अपेक्षा सभी फलों की मांग बढ़ गई हैं, जिसके कारण दामों में तेजी आई है। जो केला चार दिन पहले 30 रुपये दर्जन था, वह बढ़कर 40 से 45 रुपये दर्जन हो गया है। इसी तरह सेब 50 से बढ़कर 80 रुपये, अनार 100 से बढ़कर 120, अनानास 35 से बढ़कर 50 रुपये, संतरा 50 से बढ़कर 80 रुपये एवं पपीता 45 से बढ़कर 60 रुपये किलो तक हो गया है। कुल मिलाकर छठ मइया के भक्ति का रंग चढ़ गया है। वहीं घाटों की साफ-सफाई के साथ श्रद्धालुओं की ओर से वेदियां बना दी गयी हैं।