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संगठित होकर लड़नी पड़ेगी किसानों की लड़ाई

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गाजीपुर। डीएपी खाद की कालाबाजारी आदि सवालों को लेकर नोनहरा सहकारी समिति पर इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा के नेतृत्व में शुरू भूख-हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन जारी रही। वक्ताओं ने कहा कि खाद न मिलने से किसानों के गेहूं, आलू की बुवाई एक सप्ताह विलंबित हो गई है। इससे जहां किसान परेशान हैं वहीं जिला प्रशासन बेखबर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार खेती-किसानी को काले कृषि कानूनों के जरिए छीन लेने पर उतारू है। तीनों काले कृषि कानून अगर देश में लागू हो गए तो खेती धीरे-धीरे कारपोरेट घरानों के हवाले हो जाएगी। लाखों गरीबों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। छोटी मंडियां खत्म हो जाएगी। खेत, खेती एवं किसानों को बचाने की लड़ाई संगठित होकर लड़ना होगा। 22 नवंबर को लखनऊ में आयोजित किसान महापंचायत को सफल बनाने की मांग की गई। इस दौरान ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, पूर्व विधायक राजेंद्र यादव, जनार्दन राम, रामकेर यादव, रामप्यारे राम, प्रमोद कुशवाहा, मिलन कुमार, योगेश, बीरबल कुशवाहा, रामदरश यादव, बेचू सिंह यादव, मोती प्रधान, अरविंद कुशवाहा, सुरेंद्र कुशवाहा मौजूद रहे।
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