गाजीपुर। आरडीएसएस योजना (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत आने वाले दिनों में जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधरेगी। इसके तहत जिले में 2553 किमी बिजली के तारों को बदला जाएगा। 22868 पोल लगाए जाएंगे। इस पर 54 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। पुराने तारों और पोल बदले जाने से लोकल फाॅल्ट से होने वाली बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को मुक्ति मिलेगी।
निर्बाध आपूर्ति में सबसे बड़ा रोड़ा लोकल फाॅल्ट होता है। कहीं पुराने तार टूट जाते हैं तो कहीं पर जर्जर पोल से समस्या आती है। लोकल फाॅल्ट दुरुस्त करने में समय लगता है। खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ऐसी समस्या से नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को दो-चार होना पड़ता है, आने वाले दिनों में व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। बिजली निगम आरडीएसएस योजना के तहत तारों व पोल को बदलने का कार्य कर रहा है। तार और पोल को बदलकर नया लगाया जा रहा है। बिजली निगम का दावा है कि अगले अप्रैल 2025 में योजना पूरी हो जाएगी। जिले में योजना वर्ष 2022 के दिसंबर से चल रही है। जनपद में बिजली निगम तीन डिविजन में बंटा है। तीनों डिविजन में 45 टीमें योजना के तहत कार्य कर रही हैं।
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योजना पर एक नजर
नंगे तार 1815 किलोमीटर बदले जाने हैं। अब तक 1680 किलोमीटर बदल दिए गए हैं। 33 केवी के तार 70 किमी तक बदले जाने हैं। वर्तमान में 27 किमी तक बदल गए हैं। 11,000 के तार 668 किमी बदले जाएंगे। अब तक 524 किलोमीटर बदल दिए गए हैं। सामान्य पोल 16831 बदले जाने हैं। अब तक 17,000 बदल दिए गए हैं। 11,000 के पोल 5350 बदले जाने हैं। अब तक 4650 पोल लगाए जा चुके हैं। 33 केवी के 687 पोल बदले जाएंगे। इनमें से 409 पोल लग चुके हैं।
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योजना को लागू करने से पहले हुआ था सर्वे
आरडीएसएस योजना को लागू करने से पहले महीनों सर्वे का कार्य किया गया था। बिजली निगम के तीनों खंडों में सर्वे टीम की ओर से जर्जर बिजली के तारों व पोल को चिह्नित किया था। सर्वे का कार्य होने के बाद पुराने तारों और खंभों को बदलने का कार्य शुरू किया गया।
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पुराने तारों व पोल को बदलने का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा हो जाएगा। नए तार व खंभे लग जाने के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था और बेहतर होगी।
आशीष कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड नगर