उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर विकास भवन परिसर में गुरुवार को दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की निंदा की। चेतावनी दी गई कि यदि उनकी 14 सूत्रीय मांगेें नहीं मानी गईं तो सभी जूनियर इंजीनियर बेमियादी धरना देंगे।
धरना सभा में संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी मुख्य मांगे वेतन बैंड में बढ़ोतरी, जूनियर इंजीनियर को 7, 14 और 20 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति देना शामिल है। कहा कि 5 फरवरी को धरने के दूसरे दिन मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका
दूबे ने धरने को समर्थन देते हुए हर संभव सहयोग करने का वादा किया।
महासंघ के सचिव सुरेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार की ओर से मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो महासंघ के पदाधिकारी और सदस्य धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान 15 फरवरी से 17 फरवरी तक लखनऊ में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की भी अपील की गई। इस मौके पर
मंडल अध्यक्ष अरविंद नाथ राय, दुर्गेश श्रीवास्तव, अनंत सिंह, जय प्रकाश पांडेय, सत्यराम यादव, श्रीकांत यादव, रामनाथ ठाकुर, आरके सिंह, संतोष यादव, सुरेंद्र यादव, आरबी राम, सुनील कुमार, मनोज यादव, आशीष श्रीवास्तव, विनय सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता अखिलेश कुमार यादव और संचालन सुरेंद्र प्रताप ने किया।