डाउन वाराणसी-सियादल एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा जमानिया रेलवे स्टेशन पर उस समय हुआ जब भीड़ के बीच से किसी ने उसे धक्का दे दिया। घटना के बाद करीब आधे घंटे तक शव रेलवे लाइन पर पड़ा रहा और ट्रेन तीन मिनट की जगह तीस मिनट तक खड़ी रही। रेलवे के सिपाहियों की उदासीनता के बाद किसी तरह स्टेशन मास्टर ने शव को ट्रेन व रेल पटरी के बीच से बाहर निकलवाया। तब जाकर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सका। उधर घटना के बाद उसके साथ मौजूद परिवार के अन्य सदस्य स्टेशन पर ही चीत्कार उठे। इसके बाद वहां का माहौल गमगीन हो उठा।
यूपी-बिहार बार्डर पर स्थित कम्हरियां के पई गांव निवासी बेचू 40 के बेटी की शादी इसी माह 24 मई को है। वह शादी से पहले सकलडिहां के बशीला निवासी अपनी भतीजी ज्योति देवी को विदा कराने गया था। उसके साथ उसकी एक और भतीजी आरती और भतीजा संदीप भी गए हुए थे। विदाई कराकर लौटते वक्त सभी ने डाउन वाराणसी-सियादह एक्सप्रेस (अपर इंडिया एक्सप्रेस) ट्रेन में सवार हो गए। सभी को जमानियां रेलवे स्टेशन पर उतरना था।
जमानियां में ट्रेन काफी कम देर तक रुकती है। इसके लिए बेचू पहले ही गेट पर पहुंच गया और परिवार के अन्य सदस्यों को भी गेट के पास बुला लिया। ट्रेन में भीड़ काफी थी। इसी बीच भीड़ में से किसी ने उसे धक्का दे दिया और चलती ट्रेन से वह ट्रेन तथा पटरी के बीच गिर गया तथा मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद करीब 30 मिनट तक अपर इंडिया एक्सप्रेस जमानिया रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।
उधर रेलवे स्टेशन पर अपर इंडिया एक्सप्रेस ट्रेन के रूकने से डाउन लाइन की फरक्का एक्सप्रेस भी पश्चिमी आउटर पर 15 मिनट तक खड़ी रही। घटना के बाद स्टेशन मास्टर आरआर सिंह ने अन्य लोगों के सहयोग से शव को बाहर निकाला तब जाकर ट्रेनों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।