28 मार्च को अखनूर सेक्टर में गोली से हो गए थे घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
शादियाबाद (गाजीपुर)। थानाक्षेत्र के कुकड़ा गांव में शुक्रवार को शहीद आर्मी जवान सूबेदार रामबचन यादव (50) का पार्थिव शरीर पहुंचा। 28 मार्च को रामबचन यादव जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर राजोरी में दुश्मनों की गोली से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 मार्च को उनका निधन हो गया था।
सेना के जवान रामबचन यादव का पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर से जहाज द्वारा लखनऊ लाया गया। इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस से नंदगंज लाया गया। नंदगंज में फूल-मालाओं से लदे ट्रक से पैतृक गांव कुकड़ा लाया गया। ट्रक के साथ बड़ी संख्या में युवक नारे लगाते चल रहे थे। रामबचन यादव जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर राजोरी में 200 फील्ड रेजिमेंट में सूबेदार थे। पार्थिव शरीर पहुंचते ही माता राजवंती देवी, पत्नी प्रतिमा देवी, पुत्र अमन, पुत्री शिवांगी और श्वेता रोने-बिलखने लगे। रामबचन यादव की पत्नी और बच्चे लखनऊ में रहते थे। अभी कुछ दिन पहले ही लखनऊ में उन्होंने अपना घर बनवाया था। गांव पर उनकी मां रजवंती देवी और बड़े भाई ददबल यादव और उनका परिवार रहता है। वह कुछ माह बाद ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। ग्रामीणों में शासन प्रशासन के रवेयै को लेकर आक्रोश है। उनका कहना था कि शहीद सैनिक के पार्थिव शरीर के साथ न कोई सेना का जवान आया और न ही पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से भेजा गया। हालांकि सीओ भुड़कुड़ा, जखनिया एसडीएम और कई थानों की पुलिस मौजूद रही। परिजनों ने बताया कि रामबचन यादव ने कागजों में अपना वर्तमान पता लखनऊ ही लिखवाया था। सैन्य अधिकारी पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर से लखनऊ ले आए और वहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। परिजन पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाना चाहते थे। ऐसे में सैन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस के जवान पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। जवान का अंतिम संस्कार चोचकपुर घाट हुआ।