मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दूकानें सज
गई हैं। लाई, गुड़, तिलवा, पट्टी, चिक्की, ढूंढा की गमक से जहां बाजार गमक
रहे हैं वहीं लोगों की भीड़ भी इन दूकानों में पहुंचने लगी है। महंगाई के
प्रभाव से इन चीजों का भाव भी उछला है। फिर भी लोग पर्व मनाने के लिए इन
सामग्रियों की खरीददारी अपनी जेब के मुताबिक कर रहे हैं।
शहर के मिश्रबाजार में दर्जन के करीब लाई-चूरा, ढूंढा आदि की दूकानें सज
गई हैं। यहां लाई-चूड़ा की कई वेरायटी उपलब्ध हैं। इनकी छोटी बड़ी पैकेटों
पैंकिंग भी की गई है। लाई की कीमत 45 से लेकर 50 रुपये प्रति किलो है। इसी
प्रकार चूड़ा भी 35 से 40 रुपये प्रति किलो तक है।
छोटे, बड़े तथा साफ
दानों के गुड़ की कीमत भी 35 से लेकर 50 रुपये प्रति किलो तक है। तिलवा तथा
तिलकुट आदि की कीमत 70 रुपये से लेकर 130 रुपये के बीच है। शहर के
मिश्रबाजार, महुआबाग, लंका, रौजा, नवाबगंज, रौजा सहित कई स्थानों पर
दूकानें सजाई गई हैं। इन दूकानों पर सुबह से लेकर देर शाम तक ग्राहकों की
भीड़ जुटने लगी है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सामान क ी कीमतें 10 से
लेकर 15 रुपये तक बढ़ी हैं।
पतंग की दूकानों पर लग रही भीड़
मकर संक्रान्ति पर
पतंगबाजी लोगों को खूब लुभाती है। इसके चलते बाजारों में रंग-बिरंगी पतंगे
तथा परेता बिकने लगे है। पतंग की दुकानों पर सुबह से ही बच्चों और बड़ों के
पहुंचने का जो सिलसिला शुरु हो रहा है, वह शाम तक बना रह रहा है। इस बार
हैप्पी न्यू ईयर, तिरंगा के कलर सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य
हीरों-होरोइन की तस्वीर छपी पतंग बिक रही है, जिसकी बच्चे जमकर खरीदारी कर
रहे हैं।
चूड़ा कुटवाने को लग रही भीड़
पर्व
के मद्देनजर चूड़ा कूटने वालों के यहां लोगों की भीड़ लग रही है। गांवों
में इस पर्व का विशेष महत्व है। इसकी तैयारी में लोग पर्व से काफी पहले से
ही जुट जाते है। इसके लिए शहर के महाराजगंज, मुहांव, गाजीपुर घाट,
मुहम्मदाबाद, रघुबरगंज, दिलदारननगर, सैदपुर, जमानियां सहित अन्य ग्रामीण
क्षेत्रों में चूड़ा कूटने वालों के यहां लोगों की भीड़ लग रही है। भीड़ को
देखते हुए मशीनों के संचालक दिन-रात चूड़ा कूटने में जुटे हुए हैं। अच्छी
भीड़ से उनकी चांदी कट रही है।
नहीं शुरू हुई घाटों की सफाई
मकर
संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। लोग डुबकी लगाकर पुण्य के
भागी बनते है। शहर के ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलेक्टर घाट सहित अन्य घाटों
में पर इस दिन आस्था का सैलाब उमड़ता है। पर्व से दो दिन पहले से ही एक तरफ
जहां ददरीघाट पर भीख मांगने वालों ने अपना स्थान सुरक्षित करना शुरू कर
दिया, वहीं संबंधित विभाग की ओर से घाटों पर साफ-सफाई का कार्य शुरु नहीं
किया गया। ददरीघाट, चीतनाथ, कलेक्टरघाट सहित अन्य घाटों के किनारे
कूड़ा-कचरा फैला हुआ है।