जनपद न्यायालय के सभागार में संविधान दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में मौजूद अधिवक्ता। संवाद
गाजीपुर। जनपद न्यायालय के दस कक्षीय भवन सभागार में बुधवार को संविधान दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने किया। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि देश आज के दिन 78वां संविधान दिवस मना रहा है। संविधान मात्र एक किताब नहीं है, बल्कि लोगों के संपूर्ण जीवन को प्रभावित करने वाला पथ प्रदर्शक है। संविधान में सभी देशवासियों को कानून में बराबरी का अधिकार दिये जाने के साथ ही उनके मौलिक अधिकारों की विस्तृत व्याख्या की गई है। नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक शक्ति सिंह ने कहा कि जहां भी मानवीय मूल्यों पर अतिक्रमण होता है, वहां संविधान की भूमिका प्रारंभ हो जाती है। भारतीय संविधान में कार्यपालिका, विधानपालिका और न्याय पालिका के क्षेत्र का इसमें प्रावधान उपलब्ध है। मौलिक अधिकारों के अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय संविधान कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के लिए भी अपनी संवेदना रखता है। पीओ एमएसीटी संजय हरि शुक्ला ने कहा कि, आज हम कुछ भी बेधड़क कभी भी और कहीं भी बोल सकते हैं, यह भारतीय संविधान की ही देन है। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अली रजा, सिविल बार अध्यक्ष रामयश सिंह यादव, सचिव ज्योत्सना श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विजय कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता रामपूजन सिंह आदि मौजूद रहे।
संविधान दिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग-दुल्लहपुर। केंद्रीय मानवाधिकार सेवा संगठन की ओर से संविधान दिवस पर बुधवार को झांकी व पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा मिर्जापुर से होते हुए रायपुर, हथियार, बुढ़नपुर, भुड़कुड़ा और जखनिया मार्ग पर जनजागरण करती हुई जखनिया तहसील पहुंची। संविधान दिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव को सौंपा गया। पदयात्रा में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। जिन-जिन मार्गों से पदयात्रा गुजरी, वहां पर पुष्पवर्षा करके स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि संविधान ही लोकतंत्र की धड़कन है। इसी ने हमें मौलिक अधिकार और आज़ादी दी है। हर नागरिक को संविधान के महत्व को समझना चाहिए। इस मौके पर संदीप कुमार गौतम, सुबोध, उमेश कुमार, सुजीत सिंह, उपेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद