नगर में एनएच-31 शाहनिंदा से सेमरा जाने वाली सड़क की हालत दयनीय हो गई है। नाली का गंदा पानी लगा होने के कारण आने-जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मठिया मोहल्ले के पास सड़क टूटकर जलभराव का केंद्र बन गई है। समस्या के समाधान के नाम पर नगर पालिका ने करीब 160 मीटर लंबा नाला तो बनवा दिया, लेकिन पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। नतीजा मोहल्ले का गंदा पानी फिर सड़क पर बहने लगा है। यह सड़क शेरपुर, सेमरा, जियनदासपुर सहित कई गांवों को तहसील मुख्यालय से जोड़ती है।
प्रति दिन हजारों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। जलभराव के कारण अक्सर बाइक सवार, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत लंबे समय से बनी हुई है। सेमरा निवासी शिवानंद यादव तथा मठिया के श्यामबिहारी यादव, रमेश कुशवाहा और रंजीत यादव ने बताया कि जलनिकासी के नाम पर सरकारी धन खर्च किया गया, लेकिन बिना योजना के बनाए गए नाले का कोई लाभ नहीं मिला। कई बार लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका से शिकायत की गई, लेकिन सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि शाहनिंदा से सेमरा तक 2200 मीटर सीसी सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरु कराया जाएगा। नगर पालिकाध्यक्ष रईस अहमद ने कहा कि धन की उपलब्धता होने पर नाले का आगे तक निर्माण कराया जाएगा, ताकि जलनिकासी की समस्या का समाधान हो सके।