गाजीपुर। जिले में आरआरसी (एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) की हालत दयनीय है। कहीं इनके ऊपर ताला लटक रहा है तो कहीं ये अधूरे पड़े हुए हैं।
इसके कारण गांवों में स्वच्छता मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। कूड़ों का निस्तारण न होने के कारण गांवों की स्वच्छ तस्वीर सामने नहीं आ पा रही है।
जनपद में 1238 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 39 लाख की आबादी रहती है। जिले में लगभग 700 आरआरसी सेंटर हैं। जिन ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर नहीं हैं, वहां बनाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही छोटी ग्राम पंचायतों को बड़े ग्राम पंचायतों के आरआरसी सेंटर से संबद्ध किया जा रहा है।
एक आरआरसी सेंटर के निर्माण पर औसतन 9.50 लाख रुपये खर्च होता है। इसमें आरआरसी सेंटर के निर्माण के साथ ही कूड़ा गाड़ी खरीदने की व्यवस्था भी होती है।
जहां आरआरसी का निर्माण हो गया है, वहां कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है।
प्रभारी डीपीआरओ निलेंद्र सिंह ने बताया कि गांवों को स्वच्छ रखने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।