राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर फोरलेन के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के पीड़ित किसान सोमवार को छात्र नेता विवेकानंद पांडेय के नेतृत्व में डीएम नरेंद्र सिंह पटेल से मिले और ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग थी कि पहले भूमि का मुआवजा दिया जाए, इसके बाद सीमांकन किया जाए।
इस दौरान डीएम से छात्रनेता विवेकानंद पांडेय ने कहा कि फोरलेन के लिए महराजगंज से जंगीपुर के बीच देवकठिया, मिट्ठापारा, अरसदपुर में बिना सूचना दिए ही किसानों की उपजाऊ भूमि अधिग्रहित की जा रही है। ये ठीक नहीं है। पहले किसानों को भूमि का मुआवजा दिया जाए। इसके बाद ही सीमांकन किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाएगा तो किसान एकजुट होकर कर्मचारियों को अपने खेत में घुसने नहीं देंगे।
इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से इस बारे में अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। इसके लिए शासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है। यही नहीं छात्र नेता ने डीएम के समक्ष बारिश और ओले से किसानों की फसलों की हुई क्षति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य ब्रजेश यादव, छोटे लाल यादव, शंभू यादव, राजेश यादव, महेंद्र यादव, सुभाष कुशवाहा, रुद्रमणि तिवारी, जवाहिर यादव, मुद्रिका राजभर, संजय कनौजिया, जैनुल हक, रामजी राम, राम बचन, अशोक यादव, राजारा, असगर, सैय्यद अली, मनोज सिंह यादव, मंगला, आशीष तिवारी, मनई राम, मोनू सिंह आदि शामिल थे।