मरदह। पृथ्वीपुर गांव के पास लाल कपड़े में मिली नवजात बच्ची को लेने के लिए 1089 चाइल्ड केयर टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नवजात को अपनी कस्टडी में ले लिया। वहीं खुद से जुदा होने पर बच्ची को अपने पास रखने वाले परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं।
अमर उजाला के 18 अप्रैल के अंक में पेज नंबर आठ पर पृथ्वीपुर गांव के पास लाल कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची शीर्षक खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर को संज्ञान में लेते हुए राजकीय संप्रेक्षण गृह बाल कल्याण समिति गोरा बाजार की चाइल्ड केयर टीम मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचने पर बच्ची को रखने वाले परिवार को थाने में बुलाया गया। देर शाम परिवार के सदस्य थाने पहुंचे। नवजात बच्ची से लगाव हो जाने के कारण परिजन उसको टीम को सौंपना नहीं चाह रहे थे। काफी समझाने के बाद वह तैयार हुए। बच्ची को सौंपते वक्त परिवार के सभी सदस्यों की आंखें डबडबा गईं।
पृथ्वीपुर गांव के पास खड़ी ट्रैक्टर-ट्राॅली में लगी धान कुटाई मशीन के पास बृहस्पतिवार को लाल कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची मिली थी। उसके रोने की आवाज सुनकर मशीन संचालक की मां धनराजी देवी मौके पर पहुंचीं और उसे घर ले आईं। जब उन्होंने बच्ची को गोद में लिया, उस समय आसपास तीन कुत्ते भौंक रहे थे।
चाइल्ड केयर टीम के आने से पहले तक नवजात बच्ची का पालन-पोषण धनराजी देवी कर रहीं थीं। इस मौके पर चाइल्ड केयर टीम के परामर्शदाता सौरभ वर्मा, सुपरवाइजर अंशु राय, थानाध्यक्ष तारामती यादव, ग्राम प्रधान हरिवंश यादव, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।