जनपद में अधिसंख्य ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। जबकि गर्मी के दिनों में वर्षवार लोड बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्रचंड गर्मी में ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होकर फुंकेंगे। ट्रांसफाॅर्मरों के फुंकने के कारण लोगों की नींद में खलल पड़ेगी।
जनपद में 5.31 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जिले में विभिन्न क्षमता के 37 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। बिजली निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि विभिन्न योजनाओं के तहत इस वर्ष कई ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। इन दावों के विपरीत अब भी जिले में 40 प्रतिशत ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है।
गर्मी में नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों में बिजली की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होकर जलने लगते हैं। जले ट्रांसफाॅर्मरों को 24 घंटे के अंदर बदलने का शासनादेश है लेकिन ग्रामीण अंचलों में एक-एक सप्ताह तक लग जाता है।
ऐसे मामले में बीते वर्ष देखे जा चुके हैं। इसके बावजूद प्रचंड गर्मी को लेकर बिजली निगम की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। जनपद के सभी ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जखनिया तहसील क्षेत्र के रामपुर पतारी व जफरपुर में दो वर्षों से 25 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता वृद्धि नहीं की गई है।
बिजली निगम के प्रभारी अधीक्षण अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। शेष बचे ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का आवश्यकता के अनुसार कार्य जारी है। इसे जल्द ही पूरा किया जाएगा।