नगर पालिका परिषद के प्रशासक की ओर से सोमवार को बुलाई गई बोर्ड की बैठक का पालिका अध्यक्ष के समर्थक सभासदों ने बहिष्कार किया। इसके चलते कोरम के अभाव में बैठक स्थगित कर दी गई। इसके पहले 14 अक्तूबर को भी 24 सभासदों ने बोर्ड की बैठक का बहिष्कार किया था।
एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार सोमवार को बुलाई गई नगर पालिका बोर्ड की बैठक कोरम के अभाव में प्रशासक को स्थगित करनी पड़ी। नगर पालिका के चेयरमैन विनोद अग्रवाल का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने के बाद नियुक्त किये गये प्रशासक पीसीएस अरुण कुमार सिंह ने दूसरी बार सोमवार को नगर पालिका बोर्ड की बैठक बुलाई थी।
दोपहर दो बजे से बुलाई गई बैठक में उपस्थित प्रशासक और छह सभासद तीन बजे तक इंतजार करते रहे। चेयरमैन के समर्थक एक भी सभासद बैठक में नहीं आए। मजबूरन बैठक को अगली सूचना तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की गई। इससे पहले 14 अक्तूबर को बैठक बुलाई गई थी, जिसमें तीस में से कुल 24 सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया था।
प्रशासक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कोरम के अभाव में बैठक स्थगित की गई है। बोर्ड की अगली बैठक के लिए जल्द ही तिथि तय की जाएगी। बहिष्कार करने वाले सभासदों को बैठक में हिस्सा लेकर अपनी बात रखनी चाहिए ताकि उसका समाधान हो सके। उन्हें बजट पर चर्चा करनी चाहिए ताकि विकास कार्यों को गति मिले। जो भी बजट उपलब्ध है, उससे शहर का विकास कराएंगे।