गोद में लेकर सिपाही अमरनाथ यादव की पुत्री लाड़ो को संभालता परिजन। संवाद
मनिहारी। हंडिया कोतवाली क्षेत्र के कुसारी गांव के सामने रेलवे ट्रैक के पास मृत मिले सिपाही अमरनाथ यादव का शव शनिवार की रात पैतृक गांव शादियाबाद के सिंहनाथ (चुरावनपुर) पहुंचा। पुत्र का शव देख मां परमी देवी बिलख पड़ीं। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे।
ग्रामीणों के बीच सिपाही की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोगों का कहना था कि अमरनाथ की बाइक घटनास्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों में खड़ी मिली, जबकि शव रेलवे ट्रैक के पास पड़ा था। ऐसे में यह सामान्य हादसा नहीं है। ग्रामीण ने हत्या की आशंका जताई। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने से भी संदेह और गहरा गया है।
बड़े भाई रामविलास यादव ने बताया कि अमरनाथ यादव की शादी वर्ष 2010 में बहरियाबाद थाना क्षेत्र के बघांव सलेमपुर गांव निवासी सविता यादव से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और दो वर्षीय बेटी लाडो है। घर पर पिता के शव के पास खड़ी मासूम लाडो कभी अपनी मां को रोता देखती रही तो कभी अपने पिता को, मानो समझने की कोशिश कर रही हो कि आखिर उसके पापा क्यों नहीं उठ रहे हैं। परिजनों ने अंतिम संस्कार गाजीपुर श्मशान घाट पर किया। साथ ही परिजनों ने हंडिया पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना का पर्दाफाश करने की मांग की है।