दस माह पूर्व सऊदी अरब से मजदूर रामधीन राजभर का शव बीते मंगलवार की रात करीब ढ़ाई बजे उनके पैतृक गांव हरसरपुर पाही लाया गया। बुधवार को शव को लेकर बड़ी संख्या में लोग दुल्लहपुर थाने पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
पत्नी शीला देवी की ओर से पति के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई। तहरीर को लेकर आप कार्यकर्ताओं और पुलिस में काफी देर तक जिच चलती रही।
थाना प्रभारी ने दलील दी कि जब रामधीन के शव का पोस्टमार्टम सऊदी अरब में किया गया है तो यहां शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा। जिला पंचायत सदस्य बृजभूषण दुबे ने कहा कि इस मामले में शीला देवी की ओर से पहले ही शासन-प्रशासन को मेल भेजकर अवगत कराया जा चुका है कि रामधीन की सऊदी अरब में हत्या की गई है।
पोस्टमार्टम कराना उनके मौलिक अधिकार की श्रेणी में आता है। इसी बीच पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी अतुल कुमार और उपजिलाधिकारी जखनिया ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े रहे। धिकारियों के साथ आप नेताओं की वार्ता चल ही रही थी कि कुछ लोगों ने महिलाओं को सड़क जाम के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं ने सड़क जाम करना शुरू किया। जिला पंचायत सदस्य ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। एसओ ने पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया। रामधीन का शव शाम 5 बजे तक पोस्टमार्टम हाउस आ गया था, लेकिन चिकित्सकों ने बिना जिलाधिकारी के आदेश के पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया।
इस पर आप नेता बृजभूषण ने जब डीएम नरेंद्र सिंह पटेल से वार्ता की तो उन्होंने इस अति संवेदनशील प्रकरण बताते हुए दिन के उजाले में अगले दिन पोस्टमार्टम कराए जाने की बात कही।
प्रदर्शन में मो. इम्तियाज, डा. रमाशंकर राजभर, अविनाश गौतम, कममलेश राम, अनूप मिश्र, जगनरायन यादव, मनोज तिवारी, नीरज सिंह, विजय, गुल्लू सिंह यादव, प्रकाशचंद गुप्त, अंतू पांडेय, राजेश राजभर, प्रेम तिवारी आदि शामिल थे।