सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए शुक्रवार को कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर आयोग की रिपोर्ट की प्रतियां फूंककर विरोध-प्रदर्शन किया।
समिति के महामंत्री अंबिका दूबे ने कहा कि 70 वर्षो यह सबसे खराब वेतन आयोग है। इसमें कर्मचारियों के लिए सिर्फ संत्वाना है। जहां उच्चाधिकारियों का वेतन बढ़कर 3 लाख तक हो गया जबकि चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का वेतनमान में मात्र 2200 से 3000 रूपये तक की वृदि्ध होगी।
सरकार ने सातवें वेतन आयोग के जरीए निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ धोखा करने काम किया है। विरोध कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्ष संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ, टेट प्राथमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी महासंघ, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ सहित राज्य कर्मचारियों के संगठनों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार सिंह, सौरभ पांडेय, डा. दुर्गेश सिंह, प्रमोद उपाध्याय, प्रफुल्ल राय, विजय शंकर राय, मनोज राय, रामनगीना यादव, दुर्गेश श्रीवास्तव, जितेंद्र यादव, गोपाल राम खरवार, अरुण सिंह, सुभाष सिंह मौजूद रहे।