रौजा रेलवे क्रासिंग बंद किए जाने के विरोध में शनिवार सुबह जलनिगम कालोनी और रौजा मुहल्ले के लोगों ने जलनिगम तिराहे के पास ओवरब्रिज पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई
जिससे आवागमन करने वालों को परेशान होना पड़ा। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे सदर सीओ ने लोगों को समझा-बुझाकर आधा घंटे बाद जाम समाप्त कराया।
रौजा रेलवे क्रासिंग हमेशा के लिए बंद न करने की मांग लेकर पिछले कई दिनों से अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों के लोग मुखर हुए थे। इसी क्रम में शुक्रवार को विवेक सिंह शम्मी के नेतृत्व में नागरिकों ने जुलूस निकालकर विरोध
करते हुए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा था। रेल क़र्मियों ने रात में रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ लोहे का गाडर लगाने के साथ ही क्रासिंग को बंद कर दिया। इसकी वजह से क्रासिंग पार कर
चारपहिया और दो पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया। इससे नाराज रौजा और जलनिगम कालोनी के लोग आज सुबह सड़क पर उतर गए और दिन में 11 बजे जलनिगम तिराहा के पास ओवरब्रिज पर चक्काजाम कर दिया। जाम
लगते ही आवागमन ठप हो गया। जाम की जानकारी होते ही कांग्रेस नेता राजीव सिंह कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए और जाम का समर्थन किया। जाम करने वालों का कहना है कि क्रासिंग बंद होने से लोगों को दिक्कतों का
सामना करना पड़ रहा है। जानकारी होते ही सदर सीओ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। क्षेत्रीय लोगों ने रेल राज्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा। इस मौके पर प्रमोद कुमार सिंह, सराउद्ददीन अंसारी,
जनक कुशवाहा, राजेश उपाध्याय, संतोष सिंह, अमित सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। नागरिकों के पुरजोर विरोध के बाद शुक्रवार की रात करीब एक बजे रौजा रेलवे क्रासिंग बंद कर दी गई। इससे दुश्वारियां बढ़ी हैं। शनिवार को
आरओबी पर वाहनों का लोड बढ़ने से जाम की समस्या बनी रही। देर रात कोतवाली में रेलवे विभाग के अधिकारियों, सदर एसडीएम आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों के बीच देर तक वार्ता हुई। इस दौरान बात नहीं बनीं। रेलवे के
अफसरों ने रौजा रेलवे क्रासिंग को बंद कर दिया। रौजा रेलवे क्रासिंग बंद करने का विरोध कर रहे विवेक सिंह शम्मी ने कहा कि रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के आने पर उनको जनता की परेशानियों से अवगत कराते हुए क्रासिंग
खुलवाने की गुहार लगाएंगे। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे रेलवे क्रासिंग पर खंभा लगाने का प्रस्ताव था। इसका विरोध करने के लिए वह दर्जनों लोगों के साथ रेलवे क्रासिंग पर धरना पर बैठ गए थे। रात 10 बजे धरना समाप्त
करने के बाद सभी लोग कोतवाली पहुंचे। यहां रेल अधिकारियों और सदर एसडीएम एके सिंह तथा सीओ सिटी से वार्ता के बाद अधिकारियों ने 72 घंटे तक क्रासिंग बंद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद हम लोग घर चले गए,
लेकिन रेलवे ने रात करीब 1 बजे गाडर लगाकर रेलवे क्रासिंग को बंद कर दिया, जो वादाखिलाफी है। कोतवाली में वार्ता के दौरान समाजसेवी के साथ व्यापार मंडल अध्यक्ष अबू फखर खां, मोहित श्रीवास्तव, अजय राय दारा, संतोष
वर्मा, अतीक राईनी सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।