फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: काव्यपाठ से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

विज्ञापन
विज्ञापन
जमानिया। बरुइन ग्राम स्थित साहित्यकार राजेंद्र सिंह के आवास पर सोमवार को सौरभ साहित्य परिषद की ओर से कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया।
विज्ञापन

इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षक कपिलदेव सिंह एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से किया।
इसके बाद कवि कामेश्वर द्विवेदी की सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई। गोपाल गौरव ने जब पढ़ा ‘पैगामे मोहब्बत का मेरे ये सिला दिया, आंखों को मेरी खून का आंसू रुला दिया’ तो श्रोता भावुक हो गए।
मदन गोपाल सिन्हा की व्यंग्य रचना जेलर ने एक बार फिर किया नमस्कार और पूछा, अब कब दर्शन देंगे सरकार ने उपस्थित लोगों को गुदगुदाया।
अक्षय पांडेय ने एक पल तू गीत जैसा मन बना ले, संग मेरे गुनगुना ले, राजेंद्र सिंह ने अपनी सामयिक रचना लोग आपस में यहां जलने लगे हैं, सांप अब आस्तीन में पलने लगे हैं के माध्यम से समाज का आईना प्रस्तुत किया।
विज्ञापन

कार्यक्रम का संचालन कर रहे कवि मिथिलेश गहमरी ने ये कौमों-मिल्लतों-मज़हब के ठेकेदार क्या जानें, मोहब्बत वालों से तुम पूछो हिन्दुस्तान का मतलब’ पढ़कर देशभक्ति का संचार किया।
विज्ञापन

इसके अलावा कामेश्वर द्विवेदी, हरिशंकर पांडेय, रमेश सिंह ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। गोष्ठी में पूर्व प्रधानाचार्य छेदी सिंह, पूर्व प्रधानाध्यापक रामअवतार सिंह, डॉ. सुरेश राय, मनोज पांडेय, जितेंद्र सिंह, प्रधानाध्यापक संतोष सिंह, रणविजय सिंह, अमरेंद्र सिंह आदि लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें