प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन को लेकर शासन-प्रशासन बेहद संजीदा है। बावजूद इसके आवंटन में अनियमितता रूकने का नाम नहीं ले रही है। कई मामलों में शिकायत होने के बाद आवंटनकर्ता और अन्य कर्मचारी कार्रवाई की जगह मामला रफादफा करा रहे हैं। ऐसा ही मामला जमानिया ब्लॉक के अभईपुर गांव में आया है। वहां 2022-23 में 15 ग्रामीणों को पीएम आवास आवंटित किया गया। जिसमें से सात लोगों के अपात्र होने पर ग्रामीणों ने शिकायत की। शिकायतकर्ता हरिनारायण सिंह ने सीएम उसके बाद पीएम पोर्टल और तहसील दिवस पर शिकायत की। जिसके बाद बीडीओ ने जांच कमेटी गठित की। गजे की बात यह रही कि ब्लॉक स्तर पर आवंटनकर्ता सहायक विकास अधिकारी सुभाष चंद्र को ही जांच अधिकारी भी बना दिया गया। सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत के जवाब में सुभाष चंद्र ने सभी को बेघर और झोपड़ी आदि की जानकारी दी। उसके बाद अब जांच कर्ता और अभईपुर के सेक्रेटरी बबलू गुप्ता शिकायतकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। शिकायकर्ता का कहना है कि जांच अधिकारी और सेक्रेटरी कई बार गांव आए। उनको अपात्रों के मकान और जमीन दिखाए गए। उन्होंने मौका मुआयना भी किया, लेकिन बार-बार शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि नियमानुसार अपात्रों से आवास वापस लिया जाना चाहिए। दरअसल, अभईपुर में 15 आवासों का आवंटन पूर्व प्रधान सूर्यमुखी देवी के समय हुआ था। कुछ महीने पहले उनके निधन के बाद हाल ही में उपचुनाव हुआ। उसके बाद वर्तमान प्रधान मंगला चरण सिंह के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने भी नियमानुसार कार्रवाई कराने मांग की बीडीओ संदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अभईपुर में पीएम आवास आवंटन मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। सोमवार को कमेटी की आख्या प्रस्तुत की जाएगी। जिसके आधार पर कार्रवाई होगी।