सुहवल। गाजीपुर घाट स्टेशन से मऊ तक करीब 41 किमी लंबी दूसरे चरण की परियोजना के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड के द्वारा सर्वें का काम काफी पहले ही पूरा किया जा चुका है। केंद्र सरकार तथा रेलवे बोर्ड इस दूसरे चरण की परियोजना की जरूरत महसूस न किए जाने के कारण टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। इसके कारण दूसरे चरण की इस परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। परियोजना गाजीपुर जनपद के विभिन्न गांव से होते हुए पड़ोसी जनपद मऊ के करीब आधा दर्जन गांव से होकर मऊ जंक्शन तक जानी है। इस विस्तारिकरण के तहत करीब 70 गांव जिनमें आठ मऊ जनपद के सैकडों किसानों की करीब 250 हेक्टेयर जमीन प्रभावित होने की आशंका है। इसके तहत जंगीपुर, बिरनों, मरदह तथा बढुआ गोदाम के पास नया स्टेशन प्रस्तावित है। हालांकि धनराशि सरकार के तरफ से जारी न किए जाने के चलते फिलहाल अभी अधिग्रहण की भी प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। फिलहाल सरकार तथा रेलवे का पूरा जोर पहले चरण की परियोजना पर है। जिसे पूरा करने में आरवीएनएल तथा कार्यदायी संस्था जीपीटी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड और एसपी सिंग्ला कंशट्रकशन दिन रात जुटी है। आरवीएनएल के मुख्य परियोजना प्रबंधक विकास चंद्रा ने बताया कि दूसरे चरण के लिए टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। सरकार और विभाग का पूरा ध्यान फिलहाल पहले चरण की जारी परियोजना पर जिसे जल्द समय से पूरा करना है।