गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम अलख कुमार की अदालत ने बुधवार को दहेज हत्या मामले में पति, सास, ससुर, ननद को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को सात-सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार थाना रेवतीपुर निवासी जैनुल आब्दीन ने अपनी लड़की नसरीन खातून की शादी नौ अक्तूबर 2010 को थाना शादियाबाद गांव हंसराजपुर निवासी नसीम अंसारी के साथ किया था और शादी में अपने सार्मथ्य के अनुसार दान दहेज दिया था, लेकिन उसकी लड़की के ससुरालवाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। सास ताहिरा बेगम, ससुर मंसूर अंसारी, ननद गुलसन बेगम और उसका पति नसीम अंसारी दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग करते थे और उसको प्रताड़ित करते थे। तीन मई 2016 को उसकी लड़की की ससुराल से सूचना मिली कि उसकी लड़की को उसके ससुराल वालों ने जान से मारने की नीयत से जला दिया है और उसका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सूचना पर वादी अस्पताल गया। जहां से उचित इलाज के लिए उसकी पुत्री को वाराणसी अस्पताल ले जाया गया और वाराणसी के निजी अस्पताल में उसका इलाज शुरू हुआ। जहां इलाज के दौरान कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई। वादी सूचना पर थाना शादियाबाद में उपरोक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया। चारों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। इस दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल नौ गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना-अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। वहीं बचाव में भी आरोपियों के तरफ से कुल चार गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया है।