न्यायालय ने लगाया अर्थदंड, धनराशि से 70 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म के मामले में आरोपी कृष्णा तिवारी को दस साल की कैद और 30 हजार अर्थदंड लगाया है। साथ ही आरोपी के सहयोगी विनोद कुशवाहा को चार साल की कैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि से 70 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश न्यायालय ने दिया है। अभियोजन के अनुसार मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ने चार जुलाई 2015 को पुलिस को तहरीर दिया कि उसकी पड़ोस की एक महिला उसके घर आई और काम के बहाने उसकी नाबालिग पुत्री को ले गई। काफी देर के बाद उसकी नाबालिग पुत्री घर नहीं आई तो वह पड़ोसी के घर जाकर पूछा तो वह महिला तरह-तरह की बहाने बनाने लगी।
पता लगाने पर जानकारी मिली कि कृष्णा तिवारी जो महिला का भाई है और विनोद कुशवाहा जो उसी गांव का है, दोनों बहला- फुसलाकर नाबालिग पुत्री को भगा ले गया है। सूचना के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना शुरू किया। दौरान विवेचना नौ दिन बाद पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया और उसका डॉक्टरी मुआयना कराकर उसका बयान न्यायालय में दर्ज कराया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विवेचना उपरान्त आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायालय में दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अनुज कुमार राय ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया है।