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स्नान करने गया किशोर गांगी नदी में डूबा, मौत

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भीमापार गांगी नदी से किशोर का शव बरामद होने के बाद तट पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़। - फोटो : GHAZIPUR
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भीमापार। क्षेत्र में बहने वाली गांगी नदी के अंतर्गत जोगीबीर पुलिया से शनिवार कूदकर नहाने गए किशोर का शव रविावार को नदी किनारे बबूल के झाड़ में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना चारो तरफ फैलते ही आसपास गांवों के सैकड़ों लोग नदी के किनारे इकट्ठे हो गए। पुलिस ने तटवर्ती मल्लाहों की मदद से शव को बाहर निकाला। उधर किशोर का शव पानी से बाहर निकालते ही वहां मौजूद परिजन रोने- बिलखने लगे और पूरा माहौल गमगीन हो गया।
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सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी मनीष राम (16) पुत्र नरेश राम शनिवार की सुबह गांगी नदी में नहाने गया था। वह जोगीबीर पुलिया पर अकेले ही नहा रहा था। नदी में ज्यादा ऊपर से कूदने के कारण वह गहरे पानी में चला गया। बहुत देर हो जाने पर भी मनीष जब अपने घर नहीं पहुंचा, तब परिजनों ने उसकी खोज शुरू कर दी। देर रात तक मनीष का कहीं अता पता नहीं लगा। रविवार की सुबह नदी किनारे एक बबूल की झाड़ में फंसे शव को कुछ लोगों ने देखा। इसकी जानकारी होते ही मनीष के परिजन भी वहां पहुंच गए और ही थोड़ी ही देर बाद शव की शिनाख्त मनीष के रूप में की गई। उधर मनीष को देख परिजन चीख-पुकार करते हुए दहाड़े मारकर विलाप करने लगे। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाल रवींद्र भूषण मौर्य ने बताया कि किसी को जरा भी अहसास नहीं था कि मनीष की मौत नहाने के दौरान हुई है। शव की शिनाख्त होने के बाद मृतक के पिता ने पुलिस को तहरीर दी है। इसके आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है।
किराने और सब्जी की दुकान चलाता था मनीष
भीमापार। जगदीशपुर निवासी मनीष राम की नदी में नहाते वक्त हुई मौत से घर वालों के साथ ही क्षेत्र के लोग भी मर्माहत हैं। शव को नदी के बाहर लाने और उसकी पहचान होने के बाद परिजनों का विलाप देख सभी की आंखे नम हो गईं। जगदीशपुर के रहने वालेनरेश राम के तीन बेटों में सबसे छोटा मनीष था। मृतक के बड़े भाई परवेश और अजय का रोते-रोते बुराहाल है। दोनों भाई छत की ढ़लाई और नवनिर्मित मकानों की सेटरिंग का काम करते हैं। साथ ही माता-पिता का सहयोग भी करते हैं। जबकि छोटा भाई मनीष अपने मकान के ही बाहरी हिस्से में किराने और सब्जी की दुकान खोलकर चलाता था। उसके पिता नरेश ने बिलखते हुए बताया कि मनीष रोज सुबह उठकर नदी के किनारे टहलने के लिए जाता था और वहीं से स्नान करने के बाद घर आकर दुकान खोलता था। मनीष की मौत के बाद उसकी मां रमावती देवी का रो -रो कर बुरा हाल है।
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