पुराने ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने को लेकर चल रहा कार्य। संवाद
सुहवल। करीब तीन साल से बंद पुराने ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन के विकास के लिए में रविवार से स्टेशन के एकमात्र प्लेटफॉर्म को ध्वस्त करने का काम शुरू हो गया है। पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के दानापुर मंडल की ओर से 11 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के आधुनिकीकरण और विस्तार किया जा रहा है।
परियोजना के तहत यार्ड परिसर स्थित मौजूदा 150 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म को बढ़ाकर 400 मीटर किया जाएगा। साथ ही मालगाड़ियों के संचालन के लिए एक नया ट्रैक भी बिछाया जाएगा। इससे खाली और लोडेड वैगनों की आवाजाही आसान होगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि विकसित होने के बाद ताड़ीघाट स्टेशन दानापुर मंडल का तीसरा ब्लास्ट साइडिंग पॉइंट बन जाएगा। अभी यह सुविधा केवल धीना और जहानागंज रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटिश शासन में 1880 में स्थापित यह स्टेशन लंबे समय तक व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। स्टेशन का संचालन बंद होने के बाद आसपास के सैकड़ों छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। लोगों का मानना है कि स्टेशन के विकास और संचालन शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति मिलेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन का संपर्क फिर से पूर्व मध्य रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। साथ ही उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) रूट से भी इसका जुड़ाव स्थापित होगा, इससे माल परिवहन और रेलवे परिचालन की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
पुराने प्लेटफॉर्म को पूरी तरह हटाकर उसकी जगह लगभग 400 मीटर लंबा आधुनिक प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। दानापुर मंडल के तीसरे ब्लास्ट साइडिंग पॉइंट के रूप में विकसित किए जा रहे स्टेशन पर अगले दो महीने में संचालन शुरू करने का लक्ष्य है।-महेंद्र कुमार रजक, आईओडब्ल्यू, ईसीआर