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20 मीटर पानी के अंदर धंसा ठोकर

Thu, 15 Sep 2016 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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बाढ़
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शिवरायकापुरा एवं सेमरा गांव में बुधवार को गांव के पश्चिमी छोर पर बना ठोकर 20 मीटर पानी में धंस गया। जिससे उसके आस-पास के घर वालों में दहशत व्याप्त हो गई है। अपने आशियानों को बचाने के लिए क्षेत्र के सैकड़ों युवक गंगा पार से बालू की बोरियां भरकर स्टीमर से लाए और धंसे ठोकर के पास बोरियां डालकर कटान को रोकने की कोशिश में जुट गए।
पिछले दिनों हुए अचानक कटान में दर्जनों मकान और शिवरायकापुरा के पास ठोकर का एक बड़ा भाग गंगा में समा जाने से गांव के लोगों में दहशत में हैं। बुधवार को दूसरे छोर पर ठोकर के धंसने से अफरा-तफरी मच गई। सेमरा के अजय राय, भानुप्रताप यादव, संजय गुप्ता, बिरजू तिवारी, सोनू यादव, अटहट तिवारी, शुभम राय, हलचल यादव, सर्वेश यादव, कल्लू यादव, जवाहिर चौधरी सहित दो दर्जन से अधिक युवाओं ने हरिशंकर यादव के मकान के पास धंसे ठोकर एवं नाला जिससे होकर गंगा का पानी मुहल्ले में घुसने की संभावना थी वहां पर बालू की बोरियां डालकर कटान से बचने का प्रयास किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से बालू की बोरियां डालकर कटान से बचाने की मांग की है।
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कटान की जद में आने से साधु राय के डेरा के पास बसी नई बस्ती के बाशिंदे मकान खाली कर सामान ले जाने एवं दीवारों के ईंट, खिड़की, दरवाजे निकालने में जुटे रहे। जच्चा-बच्चा केंद्र में रह रहे विस्थापित केंद्र को खाली करके अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने चले गए। यह केंद्र किसी भी समय गंगा की धाराओं में समा सकता है। पिछले दिनों आई बाढ़ के चलते मुहम्मदाबाद से सेमरा जाने वाली सड़क के बीच बीच में कई जगह कट जाने के कारण गांव में आवागमन भी काफी मुश्किल हो गया है। शेरपुर से आने वाली सड़क भी कटान की भेंट चढ़ गई है।
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इसके चलते ग्रामवासियों को मुहम्मदाबाद, महादेवा मंदिर स    होते हुए बच्छलपुर होकर आना पड़ रहा है।
शिवरायकापुरा के लोगों ने रामायण राय के नेतृत्व में बुधवार को जिलाधिकारी को पत्रक दिया। इसमें आरोप लगाया कि सेमरा को बचाने के लिये बनाए गये ठोकर के निर्माण में ठेकेदारों के भ्रष्टाचार एवं मानक पूरा न करने के कारण इस वर्ष ठोकर बह गया। साथ लोगों के मकान और उसमें रखे सामान भी गंगा में समा गए। इससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

 
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