जंगीपुर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे में भूमि के मुआवजे को लेकर ह्रदयपुर सरायबंदी के किसानों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई। लेकिन मुआवजे को लेकर गतिरोध खत्म नहीं हो सका। हालांकि, अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और कहा कि सरकार की मंशा है कि किसानों को उचित मुआवजा मिले। जिसमें 76 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। किसानों की ओर से बात रखते हुए एडवोकेट पुरुषोत्तम उपाध्याय ने कहा कि जिला प्रशासन ही किसानों की समस्या नहीं दूर करना चाहता है। इस कारण किसान अपनी भूमि रजिस्ट्री नहीं कर रहे हैं। नियम और कानून की बात करने पर प्रशासनिक लोग मौखिक कानून की बात करने लगते हैं। जब तक उचित मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक अपनी भूमि का बैनामा नहीं करेंगे। अब जबकि मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है तो कोर्ट के आदेश के बाद ही कोई कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण में किसानों के साथ किसी भी प्रकार की जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी। ऐसा कोर्ट ने भी कह दिया है, लेकिन फिर भी किसानों को मानसिक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है। किसान अपनी जमीन किसी के बहकावे में आकर नहीं देगा। जहां पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में किसानों को उचित मुआवजा दिया गया वहीं अब सरकार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में जमीन जाने वाले किसानों को उचित मुआवजा नहीं देना चाहती है। सरकार जब तक किसान के भविष्य के लिए नहीं सोचेगी तब तक किसान अपना जमीन नहीं देगा। नायब तहसीलदार राहुल सिंह ने कहा कि जो भी आपत्ति किसानों की तरफ से आई है। वह अब किसानों के द्वारा न्यायालय से समृद्ध कर दिया गया है। क्षेत्र के 76 प्रतिशत किसानों ने बिना किसी जोर-जबर्दस्ती के बैनामा कर दिया है। कुछ लोग कुछ बिंदुओं पर विचार विमर्श कर रहे हैं। प्रयास जारी है। बहुत जल्द कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इस मौके पर किसानों में मुख्य रूप से अंबिका राजभर, रामलाल राजभर, राम अवध राम, शिव मुनि यादव, शंकर राजभर, वीरेंद्र राजभर, डॉक्टर रमाशंकर राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।