गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल में दिसंबर से चार ओटी शुरू हो जाएगा। इसमें दो कक्ष में जनरल सर्जरी, एक में आर्थोपेडिक तो एक कक्ष में यूरोलॉजी संबंधित सर्जरी होगी। छठवें तल पर स्थापित इन कक्षों को सर्जरी संबंधित अत्याधुनिक मशीनों एवं औजारों से लैस करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऐसे मेंं अब मरीजों को एक ही छत के नीचे दवा, जांच, भर्ती और सर्जरी तक की सुविधा मिलने लगेगी।
शहर एवं ग्रामीणों इलाकों के अलावा गैर जनपदों एवं प्रांतों से प्रतिदिन विभिन्न बीमारियों के 3500 से अधिक मरीज उपचार कराने ओपीडी पहुंच रहे हैं। यहीं नहीं रोज करीब 200 के आसपास मरीज भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। वहीं आपातकक्ष में प्रतिदिन करीब 80 से 90 गंभीर बीमारियों के मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि ऐसे में सर्जरी की बेहतर व्यवस्था मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल के छठवें तल पर चार ओटी कक्ष का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक ओटी में सर्जरी संबंधित शल्य औजारों एवं अत्याधुनिक मशीनों को मंगाकर रखने की तैयारी शुरू कर दी गई है। 200 बेड पुरुष अस्पताल में एक ही ओटी संचालित हो रहा है, ऐसे में सर्जरी के लिए मरीजों को काफी समय का इंतजार करना पड़ता है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए चार ओटी स्थापित कराया गया है। दो में सामान्य सर्जरी, एक में हड्डी संबंधित तो एक में यूरोलॉजी संबंधित सर्जरी होगी। इससे लाभ होगा कि मरीजों को लंबे समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनका बेहतर उपचार ससमय हो जाएगा। प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि दिसंबर तक इन चारों ओटी कक्ष का संचालन शुरू हो जाएगा। इसको लेकर तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।
ओटी के पास स्थापित होगी दस बेड की आईसीयू -गाजीपुर। प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि ओटी कक्षों के पास दस बेड की आईसीयू स्थापित होगी। इसके स्थापित होने से सर्जरी के बाद उसके मरीजों को भर्ती कराया जाएगा। यहां भर्ती मरीज 24 से 48 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। इसके बाद उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती किया जाएगा। आईसीयू अत्याधुनिक जीवन रक्षक मशीनों से लैस होगी, जिससे आवश्यकता के अनुरूप उन्हें चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जाएगी।