पुलिस और होटल स्टाफ को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें ओम प्रकाश राय ने अपनी दर्दभरी कहानी लिखी थी। साथ ही यह भी लिखा कि मौत के लिए किसी को न परेशान किया जाए। सुसाइड नोट में ओम प्रकाश राय ने लिखा कि वह परिवार के साथ बिहार रहता था। वहां पर सीमेंट कंपनी में काम करता था। वर्ष 2021 में कोरोना से पत्नी की मौत हो गई। इधर, चार-पांच माह से नौकरी छूट गई। ऐसे में आर्थिक स्थिति खराब हो गई। कमरे के किराया का 18 हजार रुपये बकाया हो गया। किसी तरह उसे देकर वह अपने ससुराल पहुंचा। इस दौरान उसने अपने चाचा से संपर्क किया तो कहा कि मुझे दो वक्त की रोटी दे दीजिए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और बोले जहां हो वहीं रहो। जबकि उसके नाम जमीन जायदाद भी है। लिखा कि होटल का पूरा पैसा भी दे दिया है। किसी का बकाया नहीं है। मौत के लिए किसी को परेशान न किया जाए। चंदा लगाकर अंतिम संस्कार करा दिया जाए और मृत्यु प्रमाण पत्र ससुराल के लोगों को दे दिया जाए।