शिक्षा सत्र 2016-17 को शुरू हुए पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन छात्रों तक पुस्तकें अभी तक नहीं पहुंची है। विभाग का रोना यह है कि अभी तक प्रर्याप्त मात्रा में उन्हें पुस्तकों का वितरण ही नहीं किया गया है।
मुश्किल से अभी तक जनपद को नाममात्र ही पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हो सकी हैं। ऐसे में परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक नित्य विद्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। नि:शुल्क मिलने वाली पाठ्य पुस्तकों का अब भी छात्र इंतजार कर रहे हैं। शैक्षिक सत्र के कई माह गुजर जाने के बाद भी पुस्तकें न मिलने से छात्र परेशान हैं।
सरकार की ओर से प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय सहित अन्य स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को दो सेट यूनिफार्म (शर्ट-पैंट, स्कर्ट-ब्लाउज एवं सलवार कुर्ता) के साथ ही नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है।
विभाग की माने तो जनपद में 1953 प्राथमिक एवं 802 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं।