गंगा के निर्मलीकरण की दिशा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण गोराबाजार में चिह्नित 13 बीघे के भूखंड पर होगा। इस पर 1500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जापानी कंपनी जायका के इंजीनियर हिरोकी योकाहावा के नेतृत्व में शुक्रवार को आई टीम ने जल निगम के अभियंताओं के साथ एसटीपी के लिए चिह्नित भूखंड को देखा। यहां तीन दिनों तक चलने वाले सर्वे में मृृदा परीक्षण के अलावा अन्य तकनीकी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
जिले में उत्तर वाहिनी गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए वर्षों से सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से जागरूकता अभियान चलाया रहा है। लेकिन गंगा को प्रदूषण मुक्त नहीं किया जा सका। प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृृत्व में गंगा, गोमती और यमुना जैसी नदियों को अविरल निर्मल बनाने के तहत कार्य किया जा रहा है।
धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री विजय मिश्र गंगा के निर्मलीकरण के लिए एसटीपी का निर्माण कराने की दिशा में प्रयासरत थे। नगर के गोराबाजार के पास स्वीकृृत अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के बगल में करीब 1500 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाली अत्याधुनिक एसटीपी के लिए चिह्नित 13 बीघे के भूखंड का शुक्रवार को जापानी जायका कंपनी के इंजीनियर हिरोकी योकाहावा के नेतृत्व में जल निगम के अभियंताओं के दल ने निरीक्षण किया।
यहां तीन दिन तक सर्वे चलेगा और निर्माण के अन्य बिंदुओं पर खाका खींचा जाएगा। कार्यदायी संस्था जल निगम के अधिशासी अभियंता रामबचन ने बताया कि सर्वे के बाद एसटीपी का डीपीआर तैयार कर लागत राशि के लिए जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी को भेजा जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता नगर पालिका जेपी यादव, चेन्नई के इंजीनियर रंगनाथन, जल निगम के सहायक अभियंता एमपी गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद, अशोक कुमार, रमेश गुप्ता, मनोज यादव, यदुवंशी आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री के प्रतिनिधि जयप्रकाश चौरसिया और निजी सहायक वीरेन्द्र शुक्ला ने बताया कि मंत्री विजय मिश्र ने सदर विधानसभा को मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में विकास कार्य किया है। मंत्री ने गोराबाजार में 500 बेड के अस्पताल, विधायक निधि से 4-4 ट्राली ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने के अलावा उपकेन्द्रों की क्षमता बढ़ाने का काम किया गया है।