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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना में हो रही देरी

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गंगा: सैदपुर स्थित गंगा में बहता गंदे नाले का पानी। - फोटो : GHAZIPUR
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मौधा। गंगा घाट पर बनाए जाने वाले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में प्रशासनिक लापरवाही से लोगों में नाराजगी है। इसमें हो रही देरी के चलते 24 घंटे घाटों पर नालों से गंगा में मलजल गिर रहा है। लगभग चार माह पहले पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी ने सैदपुर नगर में आकर इसके लिए जमीन तलाशने की कवायद की थी लेकिन अब तकि मामले में प्रशासन कुछ कर नहीं सका है। गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने को सरकार भले ही अभियान चला रही हो लेकिन सैदपुर नगर के घाटों पर गंगा में पालिथीन में बंधे फूल, फोटो आदि सामग्री फेंकी जा रही है। नित्य स्नान करने वाले भी गंदगी फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। रंगमहल घाट, पकवा घाट, बूढ़े महादेव घाट और गाय घाट के अलावा मियां घाट, संगत घाट, सुभाष घाट और जौहरगंज का कोल्हुआ घाट है। घाटों से कुछ ही दूरी पर आठ अलग-अलग नाले भी हैं। जिनके जरिए नगर का गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी चौबीसो घंटे गंगा में गिरकर उसे प्रदूषित कर रहा है। कचरा रोकने के लिए इन नालों में लोहे की जालियां भी लगाई गई है लेकिन अधिकांश जालियां खुद ही कचरे से भरी पड़ी हैं। कचरा और आसपास के दुकानों का अवशेष भी नालों के जरिए गंगा में जा रहा है। लोगों का कहना है कि गंगा में फैल रही गंदगी के पीछे नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है। ईओ, नगर पंचायत सैदपुर -संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि एसपीटी के लिए काश्तकारों की दो एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसकी खरीद के लिए कार्यदायी संस्था जल निगम से शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। धन आवंटित होते ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरु कर दिया जाएगा।
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