औड़िहार रेलखंड पर स्थानीय रेलवे स्टेशन के पूर्वी आउटर सिंगनल के पास बुधवार की रात करीब 9.35 बजे शरारती और असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने के साथ अर्थ प्लेट के एक साइड को रेल पटरी से जुड़े भाग को खोल कर टेढ़ा करके ट्रैक के बीचों बीच खड़ा कर दिया था। उसी समय गाजीपुर की तरफ से आ रही छपरा-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट की नजर पड़ गई । उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने इस घटना का मेमो नंदगंज स्टेशन मास्टर को दी।
नंदगंज रेलवे स्टेशन के पूर्वी आउटर सिग्नल के तरफ श्रीगंज गांव के पीछे किलोमीटर संख्या 146/33-35 के मध्य शरारती और असामाजिक तत्वों ने रेल ट्रैक पर पत्थर रख दिया और अर्थ प्लेट के एक साइड को रेल पटरी से जुड़े भाग को खोल कर प्लेट पट्टी को टेढ़ा करके दोनों ट्रैक के बीचो-बीच खड़ा कर दिया था। इसी बीच छपरा वाराणसी पैसेंजर गाड़ी संख्या 05445 गाजीपुर से वाराणसी की तरफ जा रही थी। नंदगंज रेलवे स्टेशन के पूर्वी आउटर सिंगनल के पास ट्रेन के लोको पायलट बृजेश की नजर रेल पटरी पर रखे पत्थर और लोहे के अर्थ प्लेट को एक तरफ से खोलकर व मोड़कर ट्रैक के बीचों बीच खड़े किये गये पर पड़ी तो खतरे को भांपते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकने के बाद लोको पायलट बृजेश ट्रेन से नीचे उतर कर ट्रैक पर रखे पत्थर को हटाया और मोड़े गए अर्थ प्लेट को पत्थर से दबाकर सीधा किया। आउटर के पास सिग्नल के बाद भी ट्रेन रुकने पर कुछ यात्री भी आ गए। यात्रियों का कहना था कि लोको पायलट अगर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी नहीं रोकते तो संभव था कि ट्रेन पटरी से उतर जाती और कोई बहुत बड़ी दुघर्टना भी हो सकती थी। घटना के कारण सवारी गाड़ी लगभग 10 मिनट (21.35 से 21.43 बजे) तक घटनास्थल पर खड़ी रही।
आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के चलते अराजकतत्वों का हौसला काफी बुलंद हैं। ये कोई पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई घटनाएं नंदगंज रेलवे स्टेशन तथा आसपास क्षेत्र में घट चुकी है। अभी चार दिन पूर्व ही इसी ट्रेन को गुजरने के बाद रेलवे क्रासिंग गेट के दक्षिणी तरफ के बुम से तीन शराबी लटके रहें और गेट खुलने नहीं दे रहे थे। इन सभी घटनाओं को लेकर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आरपीएफ की उदासीनता से रेलवे स्टेशन तथा आसपास असामाजिक तत्व घूमते हुए स्टेशन पर तोड़फोड़ तथा मालगोदाम पर सामान की चोरी करना आमबात हो गई है।