वहां इलाज के दौरान चार जून को मौत हो गई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव परिवार के सदस्यों को सुपुर्द कर दिया था। इधर शव घर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने रात के समय अंतिम संस्कार करने के बजाए रोक लिया और सुबह साढ़े सात बजे ढोढ़ाडीह मोड़ के पास रखकर मुहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग जाम कर दिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्षर रामनेवास पुलिस टीम के साथ जैसे ही मौके पर पहुंचे, ग्रामीण उग्र हो गए।
वाहन पर पत्थर फेंकने लगे। घटना में वाहन क्षतिग्रस्त होने के साथ एसआई रमेश चंद्र द्विवेदी और हेड कांस्टेबल गंगा सागर को हल्की चोटें आई। कुछ देर बाद एडीएम राजेश सिंह, मुहम्मदाबाद एसडीएम राजेश गुप्ता और कासिमाबाद सीओ के नेतृत्व में पीएसी, मुहम्मदाबाद, नोनहरा, भांवरकोल की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मुआवजे का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। करीब साढ़े 12 बजे पांच घंटे बाद जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
कासिमाबाद के सीओ विजय आनंद शाही ने बताया कि ग्रामीण वाहनों को रोक रहे थे। वहां जब पुलिस उन्हें समझाने गई तो ग्रामीणों द्वारा पथराव शुरू कर दिया गया। इसमें दो पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। शांतिपूर्ण जाम को समाप्त करा दिया गया है। पत्थर चलाने वाले को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।