कोलकाता से वाराणसी के लिए चला क्रूज गंगा विलास करीब साढ़े उन्नीस घंटे जनपद में प्रवास करने के बाद रविवार की सुबह 11 बजकर 44 मिनट पर 37 क्रू मेंबरों को लेकर अपने अगले पड़ाव वाराणसी के लिए तीन पायलटिंग जहाजों को लेकर रवाना हो गया। इसे देखने के लिए वीर अब्दुल हमीद सेतु के नीचे लोगों की भारी भीड़ लगी रही।
वहीं रविवार की सुबह साढ़े सात बजे क्रूज पर सवार सभी 32 विदेशी सैलानी चार टूरिस्ट वाहनों से कड़ी सुरक्षा के बीच शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सीधे लार्ड कार्नवालिस के मकबरे पर पहुंचे। जहां पहले से मौजूद अधिकारियों ने विदेशी सैलानियों का माला पहनाकर स्वागत किया। स्विस सैलानी मकबरे को देखने के दौरान काफी रोमांचित रहे और अपने कैमरे से हर पल को कैद करते रहे।
उनके साथ चल रहे टूरिस्ट गाइड देवेंद्र मिश्रा ने सैलानियों को मकबरे के हर एक चीज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सैलानी भी भारतीय संस्कृति, यहां के रहन-सहन, खान-पान से लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी गदगद रहे। गाइड ने बताया कि, सैलानियों ने कहा कि भारत के बारे में विदेशों में जो सुनने को मिलता है उससे उलट उनकी धारणा बनी। सचमुच भारत विश्व के महानतम देशों में है। करीब आधे घंटे के मकबरे में भ्रमण करने व जानकारी लेने के बाद सैलानी चारों पर्यटक वाहनों को कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए निकल पड़े।
वहीं, 13 जनवरी को विश्व के सबसे लंबे जल परिवहन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्रूज गंगा विलास को वाराणसी में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए रवाना करेंगे। जिसका पहला पड़ाव गाजीपुर में होगा। उधर से क्रूज में सवार आस्ट्रेलियाई सैलानी अगले दिन 14 जनवरी को मकबरे व शहर का भ्रमण करने के बाद अगले पड़ाव के लिए निकल जाएंगे। इस दौरान एडीएम अरूण कुमार सिंह, एसडीएम सदर प्रतिभा मिश्रा, एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जमानियां और भदौरा की बिजली आपूर्ति रही प्रभावित
एक्सीयन ट्रांसमिशन लाइन तुलसी राम ने बताया कि क्रूज जहाज को लेकर सुरक्षात्मक दृष्टिगत विद्युत विभाग ने सेतु के बगल से गंगा होकर जमानियां व भदौरा को जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन से शनिवार की दोपहर 1: 40 मिनट से आपूर्ति बंद है। जिसके फलस्वरूप जमानियां व भदौरा को आपूर्ति साहुपुरी से की जा रही है।