शहर में दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पर्व
में किसी तरह की अशांति न फैले, इसके लिए प्रशासन ने ठोस रणनीति बनाई है।
गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पानी से भरे गड्ढे
में होगा।
मंगलवार को नगरपालिका प्रशासक एसडीएम एके सिंह ने शहर के
स्टीमरघाट पर विसर्जन के लिए खोदे गए गड्ढे का निरीक्षण किया। इस दौरान
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पानी भरे गड्ढे में ही दुर्गा प्रतिमाओं का
विसर्जन होगा।
एसडीएम ने बताया कि शहर के स्टीमरघाट पर विसर्जन के लिए
पिछले वर्ष खोदे गए दोनों गड्ढों में भरे पानी को पम्प से निकलवाया जाएगा।
इसके बाद इन गड्ढों की गहराई बढ़ाई जाएगी ताकि छोटी-बड़ी प्रतिमाएं पूरी
तरह से पानी में डूब जाएं। यही नहीं किसी खतरे की आशंका को टालने के लिए
गड्ढों के चारों तरफ और प्रतिमा लेकर आने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कराई
जाएगी। विसर्जित प्रतिमाओं के मलबे को आसानी से निकाला जा सके, इसके लिए
गड्डों में प्लास्टिक बिछाया जाएगा।
कहा कि संबंधित अधिकारी को इस बात का
निर्देश दिया गया है कि स्टीमरघाट सहित खासकर उन मार्गों पर जिनसे होकर
प्रतिमाएं आनी हैं, उस पर प्रकाश की मुकम्मल व्यवस्था की जाए, जिससे
प्रतिमा विसर्जन करने वालों को किसी प्रकार का दिक्कत न हो।
बताया कि नगर
क्षेत्र से आने वाली सभी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन स्टीमरघाट स्थित
इन्हीं दोनों गड्ढों में होगा।