अपनी मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों ने आस्तीन चढ़ा ली है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर 23 फरवरी से आयोजित बेमियादी हड़ताल की सफलता के लिए राज्य कर्मचारियों ने कमर कस ली है। केन्द्रीय समिति की तरफ से गठित टीम ने मंगलवार को जिले में आंदोलन की समीक्षा की।
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के सभागार में परिषद की प्रांतीय महामंत्री अतुल मिश्र ने सरकार एवं शासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों की घोर आलोचना की। कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की उपेक्षा कर उन्हें हड़ताल को विवश कर दिया है। धनंजय तिवारी ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कर्मचारियों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी। प्रांतीय संप्रेक्षक सुरेश रावत एवं डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष
केके सचान ने इमरजेंसी सेवा भी ठप करने की चेतावनी दी। वाराणसी मंडल के अध्यक्ष परशुराम यादव एवं मंडल महामंत्री आनंद मिश्र ने कहा कि कर्मचारी सरकार को अपनी ताकत का अहसास करा देंगे। सभा से पहले जिले के राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने प्रांतीय पदाधिकारियों का रेलवे स्टेशन पर परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे के नेतृत्व में स्वागत किया। मोटरसाइकिल जुलूस के माध्यम से अगवानी कर सभा स्थल पहुंचे। सभा में संघर्ष
समिति के चेयरमैन अनंत सिंह, दुर्गेश श्रीवास्तव, जिला मंत्री ओमप्रकाश यादव, सुरेन्द्र सिंह, अभयराज सिंह, जितेन्द्र यादव, प्रमोद उपाध्याय, विजय नारायण यादव, विजय शंकर राय, रामनगीना यादव, अखिलेश यादव, अरविंद नाथ राय, सुरेन्द्र यादव, सायरा परवीन, तारा सिंह, पुष्पा ओझा, अवधनारायण, अभय सिंह, वरुण सिंह, शेषनाथ सिंह, रमेश कुमार, श्रीकांत राय, बालेन्द्र त्रिपाठी, अनूप सिन्हा, गिरजा कुशवाहा तथा अजय भारती उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के प्रमुख सलाहकार मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव और संचालन रविन्द्र श्रीवास्तव तथा आभार महासंघ के संरक्षक सुरेन्द्र सिंह ने व्यक्त किया।