अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने गुरुवार को दूसरे दिन भी आस्तीन चढ़ाए रखी। तीन दिवसीय महाहड़ताल के दूसरे दिन विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी कर कामकाज ठप रखा। इस दौरान विकास भवन परिसर में आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार की कर्मचारी विरोधी-नीतियों की जमकर आलोचना की। चेतावनी दिया कि जल्द मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारी आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे।
धरना सभा में प्रमुख सलाहकार मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने कर्मचारी विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। महासंघ के अध्यक्ष अभयराज सिंह ने कहा कि अगर कर्मचारियों की मांग पूरा नहीं की जाती है तो वह सबक सिखाने का काम करेंगे। दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि हम सरकार का मिशन 2017 पूरा नहीं होने देंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार हठ धर्मिता छोड़े और कर्मचारियों की मांगों पर सहृदयता से विचार करे। कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा न ले।
आज की हड़ताल में महिला कर्मचारी संगठनों की भागदारी उल्लेखनीय रही। सभा में परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दूबे, विवेक सिंह शम्मी, पुष्पा ओझा, ऊषा तिवारी, सायरा परवीन, तारा सिंह, विजय शंकर राय, अमित श्रीवास्तव, राजेंद्र तिवारी, गोपाल पांडेय, एसपी गिरी, सुरेंद्र प्रताप, रामअवध यादव, जितेंद्र यादव, मिथलेश सिंह, गिरजा कुशवाहा, सुभाष सिंह, चंद्रिका यादव, रामराज कुशवाहा, जयप्रकाश तिवारी, अतुल सिंह, अशोक राय, रामानुज राय, राकेश सिंह, डॉ. दुर्गेश सिंह, अरुण सिंह, सर्वेश सिंह, संतोष यादव, डॉ. उमेश दूबे, अभय श्रीवास्तव, जयप्रकाश यादव, रविशंकर सिंह, रामनगीना यादव, संजय दूबे आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता रामाधार राय और संचालन मिश्री लाल कनौजिया ने किया।