गाजीपुर। जमीन रजिस्ट्री में स्टांप चोरी को लेकर प्रशासन सख्ती कर रहा है। सात माह में 2.94 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई। स्टांप चोरी में 251 लोगों के खिलाफ वाद दर्ज किया गया है।
कोई भूमि जो चकरोड, पक्की अथवा कच्ची सड़क पर होती है और आबादी के निकट होती है। उस पर सर्किल रेट के अलावा अतिरिक्त स्टांप लगता है। इसके अलावा संबंधित भूमि में मकान, अर्धनिर्मित भवन अथवा बाग व पेड़ मौजूद हो तो भी स्टांप शुल्क अधिक लगता है। भूमि रजिस्ट्री के दौरान इन तथ्यों को छिपाकर कम स्टांप शुल्क देते हुए बैनामा कराया जाता है तो उसे स्टांप चोरी माना जाता है। इन्हीं मामलों में स्टांप चोरी का केस दर्ज करने के साथ ही संबंधित पक्ष को नोटिस देकर मुकदमा चलाया जाता है।
जनपद में रजिस्ट्री कराने के दौरान ऐसा करने वालों की संख्या अधिक है। हालांकि ऐसे लोगों को लेकर अब सख्ती बरती भी जा रही है। अप्रैल से लेकर अक्तूबर महीने में इस तरह के एक हजार 70 रजिस्ट्री की जांच की गई, जिसमें से 819 सही मिले, लेकिन 251 लोगों के स्टांप चोरी करने का भी मामला विभाग की जांच में हुआ। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों ने 2 करोड़ 94 लाख 27 हजार रुपये की चोरी किया है, जिनके खिलाफ संबंधित अधिकारी की कोर्ट में वाद दर्ज किया गया है।
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इन अधिकारियों ने पकड़े हैं स्टांप की कमी
अधिकारी-जांच-सही-गलत-स्टांप की कमी (लाख में)
डीएम-25-16-9-22.02
एडीएम-129-87-42-44.58
एआईजी स्टांप-396-338-58-85.83
सब रजिस्टार सदर-40-12-28-41.37
सब रजिस्टार मुहम्मदाबाद-67-60-7-2.86
सब रजिस्टार जमानिया-72-61-11-8.10
सब रजिस्टार सैदपुर-68-50-18-17.8
सब रजिस्टार जखनिया-90-65-25-36.88
सब रजिस्टार कासिमाबाद-103-66-37-16.63
सब रजिस्टार सेवराई-80-64-16-18.20
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स्टांप की कमी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। अप्रैल से लेकर अक्तूबर तक 1070 रजिस्ट्री की जांच की गई। इसमें से 251 में कुल 2.94 करोड़ रुपये की स्टांप कमी मिली है। इसपर संबंधित के खिलाफ वाद दर्ज किया गया है।- प्रेम प्रकाश एआईजी स्टांप