पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और एनएच 29 निकट भविष्य में आर्थिक विकास के मार्ग साबित होंगे। इन मार्गों के किनारे प्रदेश सरकार जिले में विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) विकसित करने की तैयारी में है। इस पर जिला प्रशासन ने भी मंथन शुरू कर दिया है। विशेष आर्थिक क्षेत्र विकसित होने के बाद बेहतर कनेक्टीविटी और ट्रांसपोर्टेशन से अगले दो-तीन वर्षों में जिले का परिदृश्य बदला हुआ नजर आएगा। अगले महीने पूर्वांचल एक्सप्रेस का लोकार्पण होना है। इसके बाद प्रशासन की ओर से जिले में विभिन्न क्षेत्रों को विशेष आर्थिक जोन के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह का कहना है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और एनएच 29 का क्षेत्र विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिहाज से काफी मुफीद माना जा रहा है। इन पर कनेक्टीविटी और ट्रांसपोर्टेशन की बड़ी संभावनाएं दिख रही हैं। साथ ही जाम से लोगों को मुक्ति मिलने वाली है। हालांकि अभी विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) को लेकर मंथन चल रहा है। इसलिए सेज का विकास कहां होगा ये तय नहीं हुआ है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लोकार्पण का होने के बाद सेज के लिए गतिविधियां तेज होंगी। बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और एनएच 29 का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का अब तक 97 से 98 फीसदी काम पूरा हो गया है। वहीं गाजीपुर से बनारस के बीच एनएच 29 का करीब 800 मीटर काम बचा है जिसे पूरा करने के लिए तेजी से काम हो रहा है। वाराणसी से सटे होने के कारण सैदपुर का विकास योजनाओं में काफी महत्व है। यह इलाका बहुत तेजी से विकसित होने वाला है। माहौल के साथ कनेक्टीविटी और ट्रांसपोर्टेशन की स्थिति सुधरने से व्यवसायियों का रुझान काफी बढ़ा है। वहीं, दूसरी ओर बनारस में भूखंड काफी महंगे हो गए हैं। ऐसी स्थिति में एनएच 29 का सैदपुर का इलाका विकास योजनाओं के लिहाज से लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है।