जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क पर बनी पुलिया वर्षों से जर्जर हालत में हैं। इससे यहां हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। बावजूद इसके इन पुलियों की मरम्मत नहीं कराया जा रहा है। बारिश के दिनों में पुलिया पर पानी आ जाने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मरदह संवाददाता के अनुसार महाहर धाम से पृथ्वीपुर गांव होकर भड़सर-अविसहन को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर स्थित करमदापुर (पृथ्वीपुर) गांव के सामने गोविन्दपुर-कलौरा माइनर पर बनी पुलिया बीते तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। इससे आए दिन दो पहिया वाहन और साइकल सवाल गिरकर घायल होते रहते हैं। राहगीर हमेशा भयभीत होकर इस मार्ग से गुजरने को विवश हैं।
बारिश के मौसम में इस पुलिया से पैदल चलना भी लोगों के लिए दूभर हो जाता है। यह मार्ग बौरी, कलौरा, सरवनडीह, तिलाठी, रानीपुर, सराय मुबारक, अविसहन, बिहरा, नसीरुद्दीनपुर, चौराबोझ, पारा, पृथ्वीपुर आदि गांवों को ब्लाक मुख्यालय से जोड़ने काम करता है। साथ ही महाहर धाम के लिए लोगों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। इस संबंध में पृथ्वीपुर गांव की प्रधान ज्योति सिंह, अमरदेव सिंह, रीशू सिंह, राजू सिंह आदि ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों इसकी लिखित एवं मौखिक सूचना दी गई इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत नहीं कराई गई।
दुबिहा संवाददाता के अनुसार लठ्ठूडीह से कोटवा नारायणपुर मार्ग पर स्थित बसनिया गांव के पास बनी पुलिया काफी जर्जर हो चुकी है। इसके बावजूद इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन जारी है। कभी भी क्षतिग्रस्त पुलिया जमींदोज हो सकती है। रोजाना बक्सर से मऊ के लिए भी इस मार्ग पर निजी बसों का संचालन होता रहता है।
लठ्ठुडीह से खरडीहा मार्ग पर स्थित मुसरदेवा गांव के पास बनी पुलिया काफी दिनों से जर्जर हो चुकी है। करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार तीन वर्ष पहले मगई नदी में आई बाढ़ से जोगा मुसाहिब गांव के पास स्थित पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने पुलिया की मरम्मत के लिए कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से सूचना भी दी। लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद यहां कुछ नहीं हुआ।