गाजीपुर। निपुण भारत मिशन के तहत जिले के 1848 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता जांचने का अभियान चल रहा है।
262 डीएलएड प्रशिक्षुओं की ओर से 27 जनवरी से शुरू अभियान में बुधवार तक 1428 विद्यालयों के 34 हजार बच्चों का निपुण आकलन हो चुका है। आकलन 7 फरवरी तक चलेगा। निपुण आकलन का उद्देश्य बच्चों के सीखने की स्थिति को समझकर शिक्षण प्रक्रिया में सुधार करना है। अगर प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की कमजोरियों को दूर कर लिया जाए तो आगे की कक्षाओं में पढ़ाई मजबूत हो सकेगी। डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) के प्रशिक्षु विद्यालयों में जाकर बच्चों का आकलन कर आंकड़ों को ऑनलाइन एप पर अपलोड कर रहे हैं। अभियान के नोडल डायट प्रवक्ता डॉ. सर्वेश कुमार राय ने बताया कि जिन विद्यालयों में 80 प्रतिशत या उससे अधिक विद्यार्थी निपुण स्तर प्राप्त करेंगे उन्हें निपुण विद्यालय घोषित कर सम्मानित किया जाएगा। इससे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा और शिक्षकों, विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा। विभाग की तरफ से आकलन को सफल, निष्पक्ष और समयबद्ध संपन्न कराने के लिए विद्यालयों और डीएलएड प्रशिक्षुओं को निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद