जिले में आठ स्थानों पर हुई आग की घटनाओं में छह कच्चे घर और झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। दिलदारनगर में आग बुझाने के प्रयास में एक युवक झुलस गया। वहीं कई अन्य स्थानों पर आग लगने से खेत में खड़ी गेहूं की फसल राख हो गई।
शहर कोतवाली के नौकापुरा मोहल्ला में रविवार की दोपहर राज्य कर्मचारी विरेंद्र सिंह और पत्नी ज्ञानशीला सिंह ड्यूटी पर गए थे। इसी दौरान मकान में आग लग गई। मुहल्ले के लोगों की सूचना पर विरेंद्र सिंह पहुंचे। जब तक दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया, तब तक आलमारी, कूलर अटैची आदि जल गया था। शादियाबाद थाना के खानपुर में शार्ट-सर्किट की चिंगारी से प्रहलाद दुबे का दो बीघा गेहूं की फसल राख हो गई।
जंगीपुर: नोनहरा क्षेत्र के कोठिया विशुनपुर गांव में सोमवार की दोपहर चूल्हे की चिंगारी से छह लोगों के आशियाने जलकर नष्ट हो गए। इस घटना में लक्ष्मण राम, नगीना राम, बेचन राम का कच्चा मकान और झोपड़ी जलकर नष्ट हो गई। इंदल राम का कच्चा मकान, बालरूप और बगेदन की रिहायशी झोपड़ियां राख हो गई। इसमें रखा घरेलू सामान और अनाज जल गया। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग बुझाई। पीड़ितों में बालरूप और बगेदन की बिटिया की शादी 21 एवं 29 जून को होनी है।
घटना के बाद दोनों तबाह हो गए हैं। मुहम्मदाबाद के बलुआ टप्पा कठउत में दोपहर शार्टसर्किट की चिंगारी से बृजनारायण यादव की रिहायशी झोपड़ी जल गई। पड़ोस के हरिनारायण यादव एवं रमाशंकर यादव की रिहायशी झोपड़ियां राख हो गईं। बृजनारायण यादव की गुमटी भी जलकर राख हो गई। नायब तहसीलदार रामआश्रय ने क्षति का आकलन किया। ब्लाक प्रमुख रामकृत सिंह यादव और जिला पंचायत सदस्य फेंकू सिंह यादव ने पीड़ितों को सांत्वना दी। भदौरा: सेवराई में काली मंदिर के पास रखे पुआल में आग लगने के कारण गेहूं की फ़सल जल गई।
दिलदारनगर: नगसर के अंवती गांव की दलित बस्ती में मोदी राम की झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में सभी सामान नष्ट हो गए जबकि एक भैंस मर गई। वहीं सुखारी राम, रामईश्वर राम और अखिलेश राम की झोपड़ियां जल गईं। आग से भैंसों को बचाने के प्रयास में अखिलेश भी झुलस गया। सूचना के बाद राजस्व कर्मचारी रामराज राम, पशु चिकित्सक शशिभूषन ने क्षति का आकलन किया।
सरपत में लगी आग को बुझाने के लिए पानी से भरी बाल्टी लेकर जा रहा उसरहा बस्ती निवासी रतन बिंद ठोकर लगने से दरवाजे की चौखट पर गिर पड़ा। सीने में गंभीर चोट लगने से उसने दम तोड़ दिया। रतन की 20 अप्रैल को शादी होनी थी। घटना की जानकारी होते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई।