मुहम्मदाबाद में भाई शिवांश को रक्षासूत्र बांधतीं श्रेयसी पांडेय।
- फोटो : संवाद
गाजीपुर। भाई-बहन के प्यार और उनके मजबूत रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन शनिवार को उमंग और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने सुंदर थाल सजाकर भाइयों की आरती उतारी एवं रोरी अक्षत का तिलक लगाकर उनकी कलाई पर प्यार का बंधन बांधा। उनका मुंह मीठा कराते हुए उनकी सलामती और खुशहाली की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को आकर्षक उपहार देकर जीवन भर साथ निभाने और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। कुछ भाइयों ने अपने से दूर रह रही बहनों के पास जाकर राखी बंधवाई तो कुछ बहनों ने अपने भाइयों के घर जाकर उनको राखी बांधी। देर शाम तक राखी बांधने और बंधवाने का दौर चलता रहा। भाई-बहन के स्नेह के पर्व रक्षाबंधन को लेकर शुक्रवार की देर शाम तक बहनें एक ओर जहां पर्व की तैयारियों में जुटी रही वहीं दूसरी ओर भाइयों ने उपहार खरीदा। बहनों ने देर शाम तक हाथों में मेहंदी लगाई। शनिवार को सुबह से ही घर-घर में मिठाइयों की सुगंध और त्योहार की खुशियां छाई रहीं। बहनें सुबह से ही अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी में लग गई थीं। सुबह रिमझिम बारिश के बीच बहनें भाइयों के घर पहुंचीं तो कहीं भाई बहनों के लिए उपहार लेकर ससुराल पहुंचे। इसके बाद शुभ योग में बहनों ने सुंदर थाल सजाकर भाइयों की आरती उतारी। छोटे भाइयों की कलाई सजाकर जहां बड़ी बहनों ने दुलार किया। रक्षाबंधन के चलते बाजारों में सुबह से चहल-पहल रही। राखी-मिठाई आदि सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ शाम तक लगी रही। इसी के साथ एक महीने से चल रहा श्रावण मास भी संपन्न हो गया। श्रावण मास के अंतिम दिन कई जगहों पर खास पूजा हुई। मुहम्मदाबाद ,भीमापार, देवकली और नंदगंज, सेवराई के आसपास के क्षेत्रों में रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रावण मास की पूर्णिमा को काली मंदिरों में खप्पर चढ़ा कर विधि-विधान से पूजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया इसके साथ ही जमानिया, सादात, कासिमाबाद, खानपुर, बिरनो, मरदह, करंडा, करीमुद्दीनपुर, बहरियाबाद, सिधागरघाट, बहादुरगंज, मनिहारी, औड़िहार, सैदपुर, मौधा, भांवरकोल, शादियाबाद, गहमर, भड़सर, लट्ठूडीह, दुबिहा, दिलदारनगर आदि क्षेत्र में भी रक्षाबंधन का त्योहार परंपरागत तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।